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नगर परिषद अध्यक्ष का करीबी लिपिक लोकायुक्त की गिरफ्त में: 7 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया

डेस्क न्यूज 01 September, 2025 प्रशासनिक

 

नीमच । भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चला रही लोकायुक्त उज्जैन टीम ने सोमवार को नगर परिषद जीरन में तैनात एक लिपिक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ने में सफलता हासिल की है। यह वही लिपिक है जिसे पहले लेन-देन की प्रवृत्ति के कारण वॉटर वर्क्स ऑफिस में ट्रांसफर कर दिया गया था, सूत्रों के अनुसार नगर परिषद अध्यक्ष रामकरण सगवारिया के हस्तक्षेप से उसे दोबारा ‘कागजी’ कार्यों की जिम्मेदारी सौंप दी गई थी।

संबल योजना के नाम पर 15 हजार की मांग, 7 हजार लेते पकड़ा गया

शिकायतकर्ता भरत कुमार भट्ट ने उज्जैन लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दी थी कि नगर परिषद जीरन में कार्यरत लिपिक चैनसुख बैरागी ने उनकी मां सागर बाई के संबल योजना कार्ड के लिए 20,000 रुपये की रिश्वत की मांग की गयी थी । शिकायत की तस्दीक उपरांत मांग प्रमाणित पाई गई तथा कंप्यूटर ऑपरेटर चैनसुखदास बैरागी ने आवेदक को प्रथम किस्त के रूप में ₹7000 लेकर बुलाया! इसके उपरांत आज दिनांक को ट्रैप आयोजित किया गया तथा कंप्यूटर ऑपरेटर चैनसुख को आवेदक से 7000 रुपये रिश्वत लेते हुए जीरन स्थित पुराने पुलिस थाने के पास आरोपी के निवास में रंगे हाथों पकडा गया | रिश्वत राशि आरोपी के बेडरूम में पलंग के गद्दे के नीचे से बरामद की गई! टीम ने शिकायत की पुष्टि के बाद सोमवार को जीरन पहुंचकर लिपिक को 7,000 रुपये की पहली किश्त लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

सिफारिश से फिर मिली पोस्टिंग, लेकिन बच नहीं सका

चैनसुख बैरागी नगर परिषद अध्यक्ष रामकरण सगवारिया का बेहद करीबी बताया जा रहा है। जीरन वासी बताते हैं की अधिकांश समय वह अध्यक्ष के घर व निजी कामों में संलग्न रहता है. कई बार उसे अध्यक्ष की गाड़ी चलाते हुए भी देखा गया. पूर्व में भी इस कर्मचारी पर लेन-देन के आरोप लगे थे, जिसके चलते उसे वॉटर वर्क्स ऑफिस में ट्रांसफर कर दिया गया था। लेकिन अध्यक्ष के दखल के बाद उसे फिर से महत्वपूर्ण कार्यालयीन काम सौंप दिया गया — और अब उसका भ्रष्ट चेहरा सामने आ गया है ।

लोकायुक्त की कार्यवाही जारी

लोकायुक्त टीम ने आरोपी लिपिक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है। अधिकारियों द्वारा अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भी जांच की जा रही है। मामला राजनीतिक पहुंच और संरक्षण के आरोपों के कारण और भी संवेदनशील हो गया है। लोकायुक्त टीम में उप पुलिस अधीक्षक दिनेशचंद्र पटेल, निरीक्षक हीना डाबर, प्र आरक्षक  हितेश ललावत और आरक्षक गण उमेश जाटव, श्याम शर्मा व नीरज राठौर शामिल रहे .  

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