डेस्क न्यूज़
30 August, 2025
सामाजिक
नीमच। श्री जैन श्वेतांबर भीड़ भंजन पार्श्वनाथ मंदिर मंडल के तत्वावधान में आयोजित चातुर्मासिक कार्यक्रम के अंतर्गत शनिवार को भव्य रथ यात्रा का आयोजन किया गया। पुस्तक बाजार स्थित मंदिर से सुबह 8.30 बजे प्रारंभ हुई रथ यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जैन भवन पहुंचकर धार्मिक सभा में परिवर्तित हो गई।आचार्य श्री विजय प्रशमेश प्रभ सूरीश्वरजी मसा ने इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमें 24 तीर्थंकरों के चरित्र को जीवन में आत्मसात करना चाहिए, तभी आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। महावीर की करुणा और जीव दया को अपनाए बिना जीवन पूर्ण नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि प्रभु की करुणा वर्षा के समान है, जो सब पर समान रूप से होती है, किंतु उसका लाभ केवल वही ले सकता है जिसके हृदय में सच्ची श्रद्धा हो।उन्होंने 11 कर्तव्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि इनमें संघ पूजा, साधार्मिक भक्ति, रथ यात्रा, देव द्रव्य, महापूजन, धर्म जागरण, ज्ञान पूजा, उद्यापन, शासन प्रभावना और आलोचना शामिल हैं। आचार्य श्री ने कहा कि साधार्मिक वात्सल्य केवल वही प्राप्त कर सकता है, जो प्रभु की आज्ञा का पालन करता है।भव्य रथ यात्रा भारत माता चौक, टैगोर मार्ग, कमल चौक, फव्वारा चौक, श्री बड़े बालाजी मंदिर चौराहा, बारादरी चौराहा, बिहार गंज, श्रीराम चौक, घंटाघर, जाजू बिल्डिंग सहित प्रमुख मार्गों से होती हुई जैन भवन पहुंची। यात्रा के दौरान समाजजन ने जगह-जगह स्वागत किया।इस अवसर पर आचार्य श्री के सानिध्य में मुनिराज श्री नीति प्रभ विजय मसा, साध्वी श्रुतवर्धन मसा, साध्वी विरति प्रिया मसा, साध्वी सोम्या दर्शना व अक्षय दर्शना श्रीजी सहित ठाणा 2 और ठाणा 9 विराजमान रहे। साधर्मिक भक्तों द्वारा विभिन्न उपवास व तपस्या भी की गई।कार्यक्रम में मनोहर सिंह लोढ़ा, प्रेमप्रकाश जैन, अखे सिंह कोठारी, श्री संघ अध्यक्ष अनिल नागौरी, सचिव मनीष कोठारी, वीरेंद्र सिंह लोढ़ा सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे। रथ यात्रा एवं धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।