डेस्क न्यूज़
14 August, 2025
दुर्घटना
नीमच। गुरुवार को जिला अस्पताल में उपचार के दौरान 16 वर्षीय बालिका की मौत का मामला सामने आया है। मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि चिकित्सकों की लापरवाही के कारण बालिका ने दम तोड़ा। वहीं, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बालिका पहले से गंभीर रूप से बीमार थी और उसे पर्याप्त उपचार दिया गया था।
मृतका के मामा दौलत राम और परिजन राजू ने जानकारी देते हुए बताया कि शानू पिता पप्पू ओढ़, उम्र 16 वर्ष, निवासी ग्राम सिमखेड़ा की तबीयत कुछ दिनों से खराब थी। उसे टाइफाइड होने की शिकायत थी, जिस पर बुधवार को परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। भर्ती के बाद बालिका की तबीयत अधिक बिगड़ने पर उसे आईसीयू में शिफ्ट किया गया और ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया।परिजनों के अनुसार, गुरुवार सुबह डॉक्टरों ने खून चढ़ाने की सलाह दी। शाम लगभग 4 बजे नर्सिंग स्टाफ द्वारा खून चढ़ाया गया। खून चढ़ाने से पूर्व बालिका परिजनों से सामान्य बातचीत कर रही थी, लेकिन खून चढ़ाने के बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनों का कहना है कि बालिका को घबराहट और बेचैनी हुई और कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया। इस घटना से गुस्साए परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया।
वहीं, जिला अस्पताल प्रशासन और स्टाफ ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। अस्पताल स्टाफ का कहना है कि बालिका पहले से ही गंभीर अवस्था में थी और उसे भर्ती होने के बाद से ही लगातार चिकित्सकीय निगरानी और आवश्यक उपचार दिया गया। खून की जांच और अन्य आवश्यक जांच के बाद ही ट्रांसफ्यूजन किया गया। अस्पताल का दावा है कि पूरे मामले में चिकित्सकीय प्रोटोकॉल का पालन किया गया है और कहीं भी लापरवाही नहीं बरती गई।घटना के बाद बालिका का शव परिजनों को सौंप दिया गया।इस घटना ने अस्पताल प्रबंधन और मरीजों के परिजनों के बीच अविश्वास की खाई को एक बार फिर उजागर कर दिया है।