डेस्क न्यूज़
26 May, 2026
अन्य
नीमच। सिंगोली तहसील के ग्राम चडोल में शासकीय तालाब के गहरीकरण को लेकर विवाद अब सामाजिक तनाव का रूप लेता नजर आ रहा है। तालाब से मिट्टी निकाल रहे आदिवासी परिवारों ने आरोप लगाया है कि उनके साथ न सिर्फ काम रुकवाया गया, बल्कि जातिसूचक अपमान और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पीड़ितों का कहना है कि वे पंचायत की अनुमति और प्रशासनिक आदेश के तहत तालाब से मिट्टी निकाल रहे थे। यह काम सिर्फ उनके खेतों की उपज बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि गांव के तालाब को गहरा करने के उद्देश्य से भी किया जा रहा था।
लेकिन 25 मई की दोपहर हालात अचानक बदल गए। आरोप है कि गांव के ही कुछ लोग मौके पर पहुंचे और काम रुकवाते हुए विवाद खड़ा कर दिया। पीड़ितों के अनुसार, बातचीत के बजाय सीधे गाली-गलौज शुरू हुई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि इस दौरान आदिवासी परिवारों को उनकी जाति को लेकर अपमानित किया गया और यह कहा गया कि उन्हें इस काम का कोई अधिकार नहीं है। विरोध करने पर कथित रूप से धमकियां दी गईं, जिससे परिवारों में डर का माहौल बन गया।
पीड़ित परिवारों ने यह भी बताया कि घटना के बाद वे इतने भयभीत हैं कि दोबारा काम शुरू करने से भी डर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
मामले की शिकायत स्थानीय पुलिस चौकी में भी की गई है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है। इसी के चलते पीड़ित परिवार कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की।
उन्होंने प्रशासन से स्पष्ट तौर पर कहा है कि—
उन्हें सुरक्षा दी जाए। दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो और शासकीय कार्य में अनावश्यक बाधा डालने वालों पर रोक लगाई जाए।