डेस्क न्यूज़
23 May, 2026
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नीमच। जिले में मिलावटखोरों और अस्वच्छ खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ प्रशासन का “शुद्ध के लिए युद्ध” अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को जावद शहर और फोरलेन केसरपुरा क्षेत्र में प्रशासनिक टीम ने खाद्य प्रतिष्ठानों पर औचक छापेमार कार्रवाई करते हुए कई गंभीर अनियमितताएं पकड़ीं।
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देश पर एसडीएम जावद प्रीति संघवी, तहसीलदार नवीन गर्ग एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी यशवंत कुमार शर्मा की संयुक्त टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
बस स्टैंड की मिठाई दुकानों पर जांच
जावद बस स्टैंड क्षेत्र में समोसा-कचौरी और मिठाई विक्रेताओं की दुकानों पर तलने वाले तेल, मसालों की गुणवत्ता और साफ-सफाई की जांच की गई। कार्रवाई के दौरान पवन मिष्ठान्न से मूंगफली तेल और कचौरी का नमूना लिया गया, जबकि श्री मीनाक्षी मिष्ठान से मिल्क केक और लस्सी के नमूने जांच हेतु संग्रहित किए गए।
ढाबे की रसोई में मिली गंदगी, तुरंत कराया बंद
फोरलेन केसरपुरा स्थित श्री बालाजी होटल एंड ढाबा पर कार्रवाई के दौरान टीम को रसोई में भारी गंदगी मिली। जांच में सामने आया कि फंगस लगी सब्जियों के साथ अन्य खाद्य सामग्री फ्रिज में रखी गई थी और अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थ तैयार किए जा रहे थे। स्थिति गंभीर मिलने पर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से ढाबे की रसोई को बंद करा दिया।
कार्रवाई के दौरान ढाबे में रखा 100 लीटर सरसों का तेल भी जांच रिपोर्ट आने तक जब्त कर लिया गया। यहां से सरसों तेल, दही रायता, घी लगी रोटी और दही सहित कुल 4 नमूने लिए गए।
भोपाल लैब भेजे जाएंगे नमूने
पूरी कार्रवाई में कुल 8 खाद्य नमूने लेकर उन्हें राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई का मार्गदर्शन खाद्य एवं औषधि प्रशासन नीमच के अभिहित अधिकारी डॉ. दिनेश प्रसाद द्वारा किया गया।
एसडीएम प्रीति संघवी ने कहा कि आम नागरिकों को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी और मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।