आशीष बैरागी
22 May, 2026
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नीमच/मोरवन। ग्राम पंचायत मोरवन द्वारा घरों से कचरा संग्रहण तो किया जा रहा है, लेकिन उसका उचित निस्तारण नहीं होने से गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। पंचायत द्वारा कचरे को खुले मैदान में डाला जा रहा है, जहां भोजन की तलाश में बड़ी संख्या में मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है। इस दौरान मवेशी प्लास्टिक की थैलियां और पॉलिथीन खा लेते हैं, जिससे वे गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं और कई मामलों में उनकी मौत तक हो रही है।
खुले में पड़े कूड़ा-करकट और पॉलिथीन हवा के साथ आसपास के क्षेत्रों में फैल रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार प्लास्टिक में मौजूद कई रसायनों की गंध भोजन जैसी होती है, जिसे पशु खाना समझकर निगल लेते हैं। लेकिन प्लास्टिक को पचा पाना जानवरों के लिए असंभव होता है। कई बार प्लास्टिक उनके गले में फंस जाता है, जिससे दम घुटने लगता है, वहीं पेट में जमा प्लास्टिक संक्रमण और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बनता है।
पशु चिकित्सक डॉ. शुभम ने बताया कि प्लास्टिक खाने के बाद वह धीरे-धीरे जानवरों के पेट में जमा होता रहता है। इससे अपच की समस्या पैदा होती है और जठर ग्रंथि प्रभावित होने लगती है। पाचन शक्ति कमजोर होने से मवेशी बीमार पड़ जाते हैं और कई बार उनकी मौत भी हो जाती है।
ग्रामीण मनोहर जाट और हेमंत जैन ने बताया कि पंचायत द्वारा खुले में छोड़ा गया कचरा हवा से चारों ओर फैल रहा है। गाय और अन्य मवेशी प्लास्टिक खा रहे हैं, जिससे वे बीमार पड़ रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि कचरे का तुरंत निस्तारण किया जाए तथा कचरा संग्रहण स्थल के चारों ओर मजबूत बाउंड्री और गेट लगाया जाए, ताकि मवेशी अंदर प्रवेश न कर सकें और गंदगी बाहर न फैले।
इस मामले में सरपंच प्रतिनिधि लाल सिंह भील ने कहा कि कचरे को नष्ट करने की प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले लोहे की एंगल और तार से बाउंड्री की गई थी, लेकिन अज्ञात चोर पाइप और तार चोरी कर ले गए। जल्द ही पुनः बाउंड्री करवाई जाएगी ताकि मवेशियों को अंदर जाने से रोका जा सके।
वहीं पंचायत सचिव रामप्रसाद परमार ने बताया कि एक-दो दिन में जेसीबी की मदद से कचरे का निस्तारण कराया जाएगा। साथ ही स्थायी समाधान के लिए पत्थर और सीमेंट की बाउंड्री वॉल और गेट लगाने का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा, ताकि भविष्य में मवेशी कचरा स्थल तक न पहुंच सकें और कचरा इधर-उधर न फैले।