ताजासमाचार

बेटे ने CBSE में किया टॉप तो परिवार पहुंचा सांवलिया सेठ के दरबार, 5 पन्नों की चांदी की किताब चढ़ाकर जताया आभार

डेस्क न्यूज़ 16 May, 2026 अन्य

चित्तौड़गढ़। मेहनत, विश्वास और आस्था का एक अनोखा संगम शुक्रवार को सांवलियाजी मंदिर में देखने को मिला। बेटे के शानदार परीक्षा परिणाम के बाद एक व्यापारी परिवार भगवान सांवलिया सेठ के दरबार में विशेष भेंट लेकर पहुंचा। यहां परिवार ने मन्नत पूरी होने पर चांदी से बनी अनोखी किताब भगवान को अर्पित कर आभार व्यक्त किया।

प्रतापनगर निवासी बर्तन व्यवसायी सुनील काबरा अपने बेटे चिन्मय काबरा, पत्नी डिंपल काबरा और बेटी चार्वी काबरा के साथ सांवलियाजी मंदिर पहुंचे। राजभोग आरती के दौरान परिवार ने भगवान सांवलिया सेठ को विशेष रूप से तैयार करवाई गई चांदी की किताब भेंट की। मंदिर में यह अनोखी भेंट श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रही।

परिवार ने बताया कि बेटे चिन्मय के अच्छे परीक्षा परिणाम को लेकर उन्होंने सांवलिया सेठ से मन्नत मांगी थी। हाल ही में घोषित CBSE 12वीं कॉमर्स परीक्षा में चिन्मय ने 97 प्रतिशत अंक हासिल करते हुए स्कूल में पहला स्थान प्राप्त किया। इतना ही नहीं, वह जिला टॉपर भी बना है। बेटे की इस सफलता से खुश परिवार ने अपनी मन्नत पूरी होने पर यह विशेष भेंट चढ़ाई।

सुनील काबरा ने बताया कि यह चांदी की किताब करीब 50 ग्राम चांदी से तैयार करवाई गई है, जिसमें कुल पांच पन्ने बनाए गए हैं। इसे गुजरात के अहमदाबाद में विशेष ऑर्डर देकर बनवाया गया। किताब के पहले पेज पर “श्री सांवलिया सेठ की जय” और “12th Pass” अंकित है, जबकि दूसरे पेज पर भगवान सांवलिया सेठ की आकर्षक तस्वीर बनाई गई है। अन्य पन्नों पर भी भगवान की तस्वीरें और जयकारे अंकित किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि बेटे के अच्छे अंक आने की उम्मीद पहले से थी, इसलिए करीब 15 से 20 दिन पहले ही किताब तैयार करवाने का ऑर्डर दे दिया गया था। हालांकि यह उम्मीद नहीं थी कि चिन्मय स्कूल और जिले में भी टॉप करेगा।

परिवार के अनुसार चिन्मय शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रहा है। उसने 10वीं बोर्ड परीक्षा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। चिन्मय ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और भगवान सांवलिया सेठ के आशीर्वाद को दिया। उसने बताया कि अब उसका लक्ष्य चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बनना है और उसने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है।

मंदिर में चांदी की किताब चढ़ाने की यह अनोखी श्रद्धा और सफलता की कहानी अब क्षेत्रभर में चर्चा का विषय बनी हुई है।

Related Post