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जीरन में फर्जी रजिस्ट्री के सहारे बोहरा परिवार की जमीन हथियाने का आरोप
भूमाफियाओं की शह पर जमीन जोतने आते हैं गुंडे, तहसीलदार पर भी लेट लतीफी के आरोप
बोहरा परिवार की जमीन कब्जाने का आरोप, एसपी को सौंपा ज्ञापन
नीमच। भूमाफियाओं के खिलाफ बोहरा परिवार की जमीन पर गुंडागर्दी कर कब्जा करने का प्रयास करने का आरोप लगा है। पीड़ित परिवार ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल से मिलकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद एसपी ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। बोहरा समाज इस मामले को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संज्ञान में भी लाने की तैयारी में है।
ज़मीन विवाद का इतिहास
यह मामला जीरन स्थित सर्वे नंबर 613 से 618 तक करीब 3 बीघा जमीन से जुड़ा है। यह जमीन ग्वालियर स्टेट के समय से ताहिर अली बोहरा के नाम पट्टे पर थी और वर्तमान में उनके परिवार के सदस्यों का इस पर कब्जा है। शंकर राव और उनके परिजनों ने इस जमीन पर दावा करते हुए राजस्व मंडल से लेकर हाईकोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ी, लेकिन उनकी अपील खारिज हो गई। सुप्रीम कोर्ट ने भी 29 नवंबर, 2023 को उनकी सिविल अपील (क्रमांक 3929/2009) को खारिज कर दिया था, जिससे बोहरा परिवार का अधिकार है।
तहसीलदार पर मामला लटकाने और लेटलतीफी का आरोप
फरियादी परिवार के जेहरा बाई, खेरून बाई, मोइज हुसैन, शब्बीर हुसैन आदि ने बताया की सुप्रीम कोर्ट से अपील खारिज होने के बावजूद, शंकर राव के पुत्र प्रकाश राव ने राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज होने का कथित रूप से अवैध फायदा उठाते हुए 21 अक्टूबर, 2020 को यह जमीन हरदेव भाटी और सत्यनारायण पाटीदार को बेच दी। बोहरा परिवार के अनुसार यह जमीन वर्ष 2024 में फिर से बेची गई। हरदेव भाटी और सत्यनारायण पाटीदार ने 25 अक्टूबर, 2024 को इसे प्रतापगढ़ के ज्योतिप्रकाश को बेच दिया। शिकायत के अनुसार, इसी सौदे में नीमच के भाजपा नेता के पुत्र की हिस्सेदारी होने की बात सामने आई है।
बोहरा परिवार ने इसे फर्जी रजिस्ट्री करार दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने वैध वारिसों के नाम पर जमीन दर्ज करवाने के लिए पहले ही आवेदन दे दिया था, लेकिन एसडीएम और तहसील कार्यालय की कथित लेटलतीफी के कारण उनका नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो पाया।
जबरन कब्जा करने की नीयत से जान से मारने की धमकी देने का आरोप
बोहरा समाज के पीड़ितों ने एसपी को दी गई शिकायत में बताया कि इस भूमि की दो बार धोखाधड़ी से रजिस्ट्री की गई है और इसमें रसूखदार लोग शामिल होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। शिकायत के अनुसार पहले भी कुछ लोगों द्वारा जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की गई और जान से मारने की धमकी दी गई थी, जिसकी शिकायत जीरन थाने और एसपी कार्यालय में की गई थी।
सोमवार को फिर से खेत को जोतकर कब्जा करने का प्रयास किया गया। पीड़ितों ने शिकायती आवेदन में बताया कि रघुनंदन जाट द्वारा खेत को जबरन जुतवाने की कोशिश की गई और खुलेआम धमकी दी कि यदि कब्जा नहीं छोड़ा गया तो उन्हें जान से खत्म कर दिया जाएगा।