डेस्क न्यूज़
05 May, 2026
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नीमच। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के अंतर्गत नीमच-रतलाम दोहरीकरण परियोजना में एक महत्वपूर्ण चरण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। मंदसौर-दलोदा रेलखंड के किलोमीटर 291.205 से 304.367 के बीच लगभग 14 किलोमीटर रेलपथ का दोहरीकरण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इस उपलब्धि के साथ अब इस खंड पर ट्रेनों के संचालन को और अधिक सुगम, सुरक्षित और तेज बनाने की दिशा में रेलवे ने अगला कदम बढ़ा दिया है।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार नव निर्मित रेलपथ पर कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) द्वारा निरीक्षण एवं गति परीक्षण 6 मई 2026 से 8 मई 2026 तक किया जाएगा। इस दौरान रेलपथ की गुणवत्ता, संरचना, सुरक्षा मानकों और ट्रेनों की गति क्षमता का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा, ताकि भविष्य में सुरक्षित और निर्बाध संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
रेलवे प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि परीक्षण अवधि के दौरान विशेष सावधानी बरतें। नागरिकों को रेलपथ से उचित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। साथ ही लोगों से आग्रह किया गया है कि वे स्वयं या अपने पशुधन को रेललाइन के आसपास न जाने दें, क्योंकि इस दौरान ट्रेनों की गति सामान्य से अधिक रह सकती है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।
इसके अलावा, स्थानीय लोगों को आवागमन के लिए केवल अधिकृत मार्गों जैसे समपार फाटक, रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) और रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) का ही उपयोग करने की हिदायत दी गई है। रेलवे ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया है।
यह दोहरीकरण कार्य क्षेत्र में रेल यातायात को और अधिक सुचारु बनाएगा। साथ ही मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों की आवाजाही में तेजी आएगी, जिससे व्यापार, परिवहन और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।