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3 दिन तक तड़पती रही गाय, कलेक्टर के सख्त आदेश पर हरकत में आया प्रशासन—आधे घंटे में पहुंचा मालिक, उजागर हुई बड़ी लापरवाही

डेस्क न्यूज़ 03 May, 2026 अन्य

नीमच। शहर में एक बीमार गाय की अनदेखी का मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। नीमच के ओम हॉस्पिटल के पीछे पिछले तीन दिनों से एक गाय गंभीर हालत में पड़ी थी, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली।

सूचना मिलते ही गऊ सेवा दल के सदस्य मौके पर पहुंचे और गाय का प्राथमिक उपचार किया। टीम ने गाय के कान में लगे टैग के आधार पर उसके मालिक का पता लगाने की कोशिश की, लेकिन टैग पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि गाय बगीचा नंबर-4 निवासी काले खां की है।

गौसेवकों ने दिए गए मोबाइल नंबर पर कई बार संपर्क किया, लेकिन मालिक हर बार “आ रहा हूं” कहकर टालता रहा और मौके पर नहीं पहुंचा। स्थिति गंभीर होती देख गौसेवक पार्थ जोशी ने डायल 112 पर सूचना दी, लेकिन उससे भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।

इसके बाद गौसेवक मितेश अहीर ने सीधे कलेक्टर हिमांशु चंद्रा को फोन कर पूरे मामले से अवगत कराया। कलेक्टर ने तुरंत सख्त रुख अपनाते हुए पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि मालिक गाय को लेने नहीं आता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।

प्रशासनिक सख्ती का असर तुरंत देखने को मिला। पशुपालन विभाग हरकत में आया और डॉ. धाकड़ को मौके पर भेजा गया, जिन्होंने गाय का उपचार किया। वहीं दबाव बढ़ते ही करीब आधे घंटे के भीतर ही मालिक मौके पर पहुंच गया और गाय को टेम्पो में भरकर अपने घर ले गया।

इस पूरे मामले में पशुपालन विभाग की लापरवाही भी सामने आई, क्योंकि गाय के कान में लगा टैग फर्जी निकला, जिस पर कोई स्पष्ट जानकारी दर्ज नहीं थी।

गौसेवक पार्थ जोशी सहित स्थानीय नागरिकों की सक्रियता से एक बीमार गाय को समय पर उपचार मिल सका, वहीं प्रशासन की सख्ती ने जिम्मेदारों को तुरंत कार्रवाई करने पर मजबूर कर दिया।

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