डेस्क न्यूज़
30 April, 2026
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नीमच। देश के अमर शहीदों के आत्मबलिदान को स्मरण कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। इसी भावना के तहत बुधवार, 29 अप्रैल को जिले के रामपुरा गांव निवासी सीआरपीएफ के वीर बलिदानी सिपाही बद्री प्रसाद की शहादत दिवस पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया।
सिपाही बद्री प्रसाद ने वर्ष 2001 में 122 बटालियन में तैनाती के दौरान जम्मू-कश्मीर के बड़गाम जिले के बीरवाह थाना क्षेत्र के मालापुर गांव में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए अदम्य साहस का परिचय दिया था। कर्तव्य पथ पर डटे रहते हुए उन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उनका यह बलिदान आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।
ग्रुप केंद्र, सीआरपीएफ, नीमच द्वारा शहीद के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। उप महानिरीक्षक के नेतृत्व में कमांडेंट, सहायक कमांडेंट सहित अन्य जवान शहीद के गृह निवास पहुंचे और पूरे सम्मान के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर शहीद की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया, जो आने वाली पीढ़ियों को उनके साहस और समर्पण की याद दिलाती रहेगी।
कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और शहीद के परिजनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर शहीद की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
अधिकारियों और जवानों ने शहीद के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि वे सीआरपीएफ परिवार का अभिन्न हिस्सा हैं। साथ ही यह आश्वासन भी दिया गया कि उनके हर सुख-दुख में बल सदैव उनके साथ खड़ा रहेगा और हर संभव सहायता प्रदान करेगा।
वक्ताओं ने कहा कि शहीदों के परिवारों का सम्मान करना और उनके प्रति अपनत्व बनाए रखना ही सच्चे अर्थों में राष्ट्र सेवा और शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि है।