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नीमच में उर्स की रौनक—सुफियाना कव्वालियों पर झूमे अकीदतमंद, गूंजा कौमी एकता का पैगाम

डेस्क न्यूज़ 24 April, 2026 अन्य

नीमच। मालवा-मेवाड़ के मशहूर सूफी संत हज़रत शहाबुद्दीन बाबा के 131वें राष्ट्रीय कौमी एकता उर्स मुबारक का चार दिवसीय आयोजन दरगाह कमेटी नीमच सिटी की जानिब से बड़े अदब और शान-ओ-शौकत के साथ जारी है। उर्स के मौके पर 23 अप्रैल की रात महफ़िल-ए-शमा में सुफियाना कव्वाली का शानदार आयोजन हुआ, जिसने देर रात तक अकीदतमंदों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

दरगाह कमेटी के सदर मुन्ना दुर्रानी ने बताया कि नमाज़-ए-इशा के बाद शुरू हुई इस रूहानी महफ़िल में मशहूर कव्वाल निसार एहसान चिश्ती (चित्तौड़गढ़) और कमर वारसी (देवा शरीफ) की कव्वाल पार्टियों ने अपने कलाम पेश कर समा बांध दिया। “भर दो झोली मेरी…”, “कुछ भी ना हमको अहमद मुख्तार चाहिए…”, “अजमेर में चलता है जिसकी हुकूमत…” जैसे मशहूर कलामों पर पूरी फिज़ा इश्क-ए-रसूल और औलिया की मोहब्बत में रंग गई।

उर्स के दौरान दरगाह शरीफ पर जायरीन ने हाज़िरी देकर चादर और फूल पेश किए तथा मुल्क में अमन-ओ-अमान और खुशहाली की दुआएं मांगीं। शाम के समय तबर्रुक और लंगर का वितरण भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत कर बरकत हासिल की।

इस मौके पर मंदसौर के सूफी बुज़ुर्ग हज़रत वकीलउद्दीन मियां जी सरकार की आमद भी खास रही। साथ ही विभिन्न सामाजिक व धार्मिक क्षेत्रों से जुड़े कई गणमान्य लोग और बाहर से आए सूफी मेहमान मौजूद रहे।

पूरा उर्स मोहब्बत, भाईचारे और कौमी एकता का जीवंत संदेश देता नजर आया, जहां हर मजहब के लोग एक साथ मिलकर इस रूहानी महफ़िल का हिस्सा बने।

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