द वाॅचमेन पोस्ट
22 April, 2026
राजनीति
नीमच | नगर पालिका परिषद की बैठक इस बार पूरी तरह सियासी टकराव में बदल गई, जहां “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” क्रियान्वन के मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए। लेकिन इस बार विपक्ष की आवाज़ सबसे बुलंद रही—नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापति ने सीधे मोर्चा संभालते हुए सत्ता पक्ष पर तीखे हमले बोले।
बांग्ला नंबर 60 स्थित पुराने नपा भवन में शुरू हुई बैठक की शुरुआत औपचारिक रही, लेकिन जैसे ही अधिनियम पर चर्चा शुरू हुई, माहौल गर्मा गया और देखते ही देखते पूरा हॉल नारेबाजी से गूंज उठा।
नेता प्रतिपक्ष ने संभाली कमान
हंगामे के बीच नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापति पूरी तरह फ्रंटफुट पर नजर आए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा—
“ये पूरा मामला प्रोपोगंडा है। भाजपा जानबूझकर भ्रम फैला रही है और असल मुद्दों से ध्यान भटका रही है।”
प्रजापति ने सीधे सवाल दागते हुए कहा कि जब शहर की महिलाएं आज भी पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रही हैं, तब ऐसे प्रस्ताव सिर्फ दिखावा हैं।
सत्ता का पलटवार: “विपक्ष गुमराह कर रहा”
नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ने भी बिना देरी के जवाब दिया—
“विपक्ष देश का दुर्भाग्य है। 2023 में ही साफ हो गया था कि अधिनियम परिसीमन के बाद लागू होगा, लेकिन कांग्रेस झूठ फैला रही है।”
उन्होंने कहा कि विपक्ष को महिलाओं के अधिकारों से ज्यादा अपनी सीटों की चिंता सता रही है।
शोर के बीच चला बहुमत का खेल
बैठक के दौरान नारेबाजी, आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बहस जारी रही। स्थिति इतनी बिगड़ी कि माहौल कई बार नियंत्रण से बाहर होता नजर आया।
इसी हंगामे के बीच सत्ता पक्ष ने बहुमत के दम पर निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया।
श्रद्धांजलि और फिर विराम
तनावपूर्ण माहौल के बीच उपाध्यक्ष प्रतिनिधि करण सिंह परमार और पुलवामा हमले के शहीदों को दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद बैठक समाप्त कर दी गई।
विपक्ष की आक्रामकता बनाम सत्ता की रणनीति
इस बैठक में जहां सत्ता पक्ष ने बहुमत का दम दिखाया, वहीं विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापति सबसे मुखर चेहरा बनकर उभरे।
मुद्दा नारी शक्ति का था, लेकिन सियासत की धार इतनी तेज रही कि असली सवाल फिर पीछे छूट गए।