डेस्क न्यूज़
21 April, 2026
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नीमच | नीमच में आउटसोर्स और ठेका कर्मचारियों की अनदेखी के खिलाफ आवाज तेज हो गई है। अपनी मांगों को लेकर भारतीय मजदूर संघ ने मुख्यमंत्री के नाम विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए सरकार से ठोस नीति बनाने की मांग उठाई है।
मंगलवार को कलेक्टर प्रतिनिधि के माध्यम से सौंपे गए इस ज्ञापन में 17 प्रमुख मांगें शामिल हैं, जिनमें कर्मचारियों के हितों और सामाजिक सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। संघ ने साफ कहा कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान अब टाला नहीं जा सकता, क्योंकि यह न केवल कर्मचारियों बल्कि पूरे प्रदेश के हित से जुड़ा मामला है।
संघ ने “आउटसोर्स सर्विस सिक्योरिटी एक्ट” लागू करने या आउटसोर्स निगम मंडल के गठन की मांग करते हुए कहा कि इससे कर्मचारियों को स्थिरता, उचित वेतन और सुरक्षा मिल सकेगी। इसके साथ ही श्रम कानूनों के सख्त पालन, 8 घंटे से अधिक कार्य पर ओवरटाइम, बिचौलिया प्रथा खत्म कर सीधे विभाग से वेतन भुगतान जैसी मांगें भी प्रमुख रूप से रखी गईं।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि कर्मचारियों का वेतन हर माह की 7 तारीख तक अनिवार्य रूप से दिया जाए और वेतन पर्ची उपलब्ध कराई जाए। अनुभव के आधार पर वेतन वृद्धि, नियमित भर्ती में प्राथमिकता, बिना जांच के सेवा समाप्ति पर रोक, और शिकायतों की उच्च स्तरीय जांच के बाद ही कार्रवाई जैसे मुद्दों को भी उठाया गया।
इसके अलावा सभी कर्मचारियों को ईपीएफ, ईएसआईसी सहित सामाजिक सुरक्षा लाभ देने, समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने, सेवा समाप्ति के खिलाफ अपील के लिए समिति गठन, 20 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा और 62 वर्ष तक सेवा का प्रावधान करने की मांग भी की गई है।
संघ ने कौशल विकास प्रशिक्षण, साप्ताहिक अवकाश और कर्मचारियों के समग्र विकास के लिए नियमित ट्रेनिंग कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी और संघ पदाधिकारी मौजूद रहे। संघ ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि श्रमिकों की इन जायज मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार कर जल्द ठोस निर्णय लिया जाए, ताकि वर्षों से जूझ रहे आउटसोर्स कर्मचारियों को राहत मिल सके।