डेस्क न्यूज़
18 April, 2026
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नीमच। जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए लागू की गई 'ई-विकास' प्रणाली की अनदेखी करना चार निजी विक्रेताओं को भारी पड़ गया है। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने शासन के निर्देशों का उल्लंघन करने पर कड़ा रुख अपनाते हुए इन विक्रेताओं के खुदरा उर्वरक पंजीयन (रिटेलर आईडी) तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार, किसानों को सुगमता से उर्वरक उपलब्ध कराने हेतु 'ई-विकास' (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली अनिवार्य की गई है। इसके तहत बिना ई-टोकन के उर्वरक वितरण पर पूर्णतः प्रतिबंध है। उप संचालक कृषि कार्यालय द्वारा पूर्व में ही इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद कई विक्रेताओं द्वारा बिना ई-टोकन के उर्वरक विक्रय करने की अनियमितता सामने आई है।
इन फर्मों पर गिरी गाज
उर्वरक पंजीयन प्राधिकारी एवं उप संचालक दिनेश मंडलोई द्वारा जारी आदेश के अनुसार, नियमों की अवहेलना करने पर जिले की चार प्रमुख फर्मों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। इनमें महू रोड नीमच स्थित श्री देव कृषि बाजार, रामपुरा की अंबिका एग्रो एजेंसी व विनोद कुमार मरचया, तथा मनासा स्थित बालाजी बीज भंडार शामिल हैं। इन सभी विक्रेताओं की रिटेलर आईडी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई है।
उर्वरक नियंत्रण आदेश का उल्लंघन
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इन विक्रेताओं ने उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 का खुला उल्लंघन किया है। विभाग ने इसे शासन के निर्देशों की गंभीर अवहेलना माना है। संबंधित विक्रेताओं को अपना पक्ष रखने के लिए 07 दिवस का समय दिया गया है। यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होता है, तो इनके विरुद्ध अन्य वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
इस कार्रवाई से जिले के उर्वरक विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है। कृषि विभाग ने सख्त लहजे में कहा है कि खाद वितरण में किसी भी प्रकार की धांधली या डिजिटल प्रणाली की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों के हितों से समझौता करने वाले दुकानदारों पर विभाग की पैनी नजर है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।