डेस्क न्यूज़
17 April, 2026
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नीमच। शहर में आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम इन दिनों देखने को मिल रहा है। स्पेंटा पेट्रोल पंप के समीप नवनिर्मित श्री आदिनाथ जिनालय मंदिर में भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार 17 अप्रैल को विधि-विधानपूर्वक हुआ। कुंभ स्थापना, दीपक स्थापना एवं ज्वारारोपण जैसे मंगल अनुष्ठानों के साथ शुरू हुआ यह महोत्सव 25 अप्रैल तक विविध धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण 24 अप्रैल को होने वाला प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन रहेगा।
यह संपूर्ण आयोजन श्री आदिनाथ जिनालय एवं जिन कुशल सूरी खरतरगच्छ ट्रस्ट, नीमच के तत्वावधान में दादावाड़ी ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। गच्छाधिपति आचार्य भगवंत जिन मणि प्रभ सूरीश्वरजी महाराज के निर्देशन में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार सभी अनुष्ठान संपन्न हो रहे हैं। साथ ही परम पूज्य डॉ. विद्युत प्रभा श्रीजी महाराज सहित 20-25 साधु-साध्वी भगवंतों के सानिध्य में यह महोत्सव आध्यात्मिक ऊंचाइयों को छू रहा है।
महोत्सव के अंतर्गत 18 अप्रैल को स्नात्र पूजा, भैरव पूजा, क्षेत्रपाल पूजन, 64 योगिनी पूजन, पंच परमेश्वर पूजा सहित अनेक धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। 19 अप्रैल को गच्छाधिपति गुरुदेव के सानिध्य में नवीन प्रतिमाओं का भव्य नगर प्रवेश एवं संतों का मंगल प्रवेश आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
20 अप्रैल को वर्षीतप तपस्वियों का भव्य वरघोड़ा निकाला जाएगा तथा सभा मंडप का उद्घाटन होगा। 21 अप्रैल को च्यवन कल्याणक विधान, माता-पिता स्थापना और 14 स्वप्न दर्शन जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक कार्यक्रम होंगे। 22 अप्रैल को जन्म कल्याणक विधान, 56 दिक्कमारी महोत्सव एवं सायंकाल आदिनाथ भगवान और गुरुदेव वंदना का आयोजन किया जाएगा।
23 अप्रैल को दीक्षा कल्याणक वरघोड़ा निकलेगा तथा महावीर जिनालय विकास नगर में वार्षिक ध्वजा चढ़ाई जाएगी। इसी दिन रात्रि में अंजनशलाका महाविधान का विशेष आयोजन भी होगा।
24 अप्रैल को प्रातः शुभ मुहूर्त में मुख्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न होगा, जिसमें भगवान आदिनाथ के साथ शंखेश्वर पार्श्वनाथ, नाकोड़ा पार्श्वनाथ, भगवान महावीर स्वामी, गौतम स्वामी, पद्मावती माता, चक्रेश्वरी माता एवं नाकोड़ा भैरव की प्रतिमाओं की विधिवत स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही दादावाड़ी में चारों दादा गुरुदेवों की प्रतिमाएं भी विराजित की जाएंगी।
नवनिर्मित जिनालय परिसर को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है, जिसमें विशाल सभा मंडप, गुरु मंदिर, आराधना भवन, प्रवचन कक्ष एवं कार्यालय कक्ष का निर्माण शामिल है। इस पुनीत कार्य में संघरवी गोवर्धनलाल बाफना, चंद्रराज कोटीफोड़ा, चंद्रप्रकाश छाजेड़, सुनील गोपावत एवं जयवंत कोटीफोड़ा का विशेष योगदान रहा है।
शुक्रवार को जैन भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जैन संत डॉ. विद्युत प्रभा जी महाराज साहब ने प्राण प्रतिष्ठा के महत्व को बताते हुए इसे आत्मशुद्धि और धर्म जागरण का महान पर्व बताया। इस अवसर पर महोत्सव संयोजक अनिल नागौरी, दादावाड़ी ट्रस्ट अध्यक्ष प्रेम प्रकाश जैन, सचिन राजमल जैन, राहुल जैन सहित अन्य पदाधिकारियों ने आयोजन की विस्तृत जानकारी दी।
इस भव्य आयोजन में महाराष्ट्र, पुणे, जयपुर, इंदौर सहित देश के विभिन्न हिस्सों से जैन समाज के श्रद्धालु बड़ी संख्या में नीमच पहुंच रहे हैं। ट्रस्ट मंडल ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने और जिन शासन की शोभा बढ़ाने की अपील की है।