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Exclusive: मनासा पुलिस का 'सट्टा' स्ट्राइक: आईपीएल सट्टेबाजी का भंडाफोड़, लाखों के हिसाब के साथ मनासा का आरोपी गिरफ्तार, क्या अब नीमच के 'भांजे' और 'बँटी-बबली' पर होगी कारवाई !

डेस्क न्यूज़ 09 April, 2026 अपराध


नीमच/मनासा । आईपीएल के शुरू होते ही नीमच जिले में सक्रिय सट्टा माफियाओं के खिलाफ पुलिस ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ी है। लंबे समय से बनी सुस्ती को खत्म करते हुए मनासा पुलिस ने बुधवार रात एक कार्रवाई को अंजाम दिया। थाना प्रभारी निलेश अवस्थी ने बताया कि पुलिस ने सट्टे की आईडी चला रहे कमल सिंधवानी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जबकि ‘आईडी दाता’ राकेश कुशवाह उर्फ ठाकुर फरार है । wm

करोड़ों का सट्टा और 'भांजे' का जाल
सूत्रों की मानें तो पुलिस यदि वाकई में मामले में गंभीर है तो यह महज एक प्यादे कि गिरफ्तारी तक सीमित नहीं होना चाहिए। पकड़े गए आरोपी कमल सिंधवानी और फरार राकेश ठाकुर, कुख्यात 'बंटी-बबली' गैंग के गुर्गे बताए जा रहे हैं। यह गैंग नीमच के सबसे बड़े बुकी ‘भांजे’ के इशारे पर काम करता है। चर्चा है कि इस सिंडिकेट का सवा करोड़ रुपया मासिक मनासा में 'भांजे' के माध्यम से ही बांटा जाता है। wm जिले में सट्टे का नेटवर्क इतना गहरा है कि बिना इस 'भांजे' की अनुमति के कोई डिजिटल आईडी तक जारी नहीं होती।

क्या यह कार्रवाई केवल 'ऊंट के मुंह में जीरा' है?
मनासा में थाना प्रभारी शिव रघुवंशी के स्थानांतरण के बाद से ही बड़े सटोरियों पर कार्रवाई की उम्मीद की जा रही थी। हालांकि निलेश अवस्थी ने खाता खोल दिया है, लेकिन जानकारों का कहना है कि अगर पुलिस इस सिंडिकेट के 'बड़े मगरमच्छों' और नीमच के उस 'भांजे' तक नहीं पहुंचती, तो यह कार्रवाई महज एक औपचारिकता बनकर रह जाएगी। नीमच जिले में पान की गुमटियों से लेकर  घरों तक में इन सटोरियों ने अपने ठीये बना रखे हैं लेकिन लगभग हर थाना क्षेत्र की पुलिस अभी सुस्त ही दिखाई दे रही है। wm   

राहुल अब तक फरार, पुलिस की साख दांव पर: 'दिखावा' या 'सफाई'?
पड़ोसी जिले मंदसौर और राजस्थान पुलिस की सक्रियता के बीच नीमच पुलिस पर कारवाई का भारी दबाव था। पूर्व में भी जिले के महागुरु सट्टेबाज राहुल पर केस दर्ज हुआ था, लेकिन वह आज भी पुलिस की पकड़ से बाहर है, जिसे लेकर आम चर्चा है कि उसे 'अभयदान' मिल गया है। सट्टे की काली कमाई से गोवा के आलीशान होटलों में ऐश करने वाले इन सटोरियों ने जिले के युवाओं को बर्बाद कर रखा है। wm

फिलहाल पुलिस की सायबर टीम फरार राकेश ठाकुर की तलाश में जुटी है, उधर कार्रवाई की खबर लगते ही जिले के कई नामी सटोरिए भूमिगत हो गए हैं। इस मामले में पुलिस को करोड़ों के लेन-देन का हिसाब मिलने की सूचना है। अब देखना यह है कि नीमच पुलिस केवल छोटे प्यादों को पकड़कर अपनी पीठ थपथपाती है या फिर इस बार सट्टे के इस विराट सिंडिकेट की रीढ़ तोड़ने का साहस दिखाएगी। wm

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