न्यूज डेस्क
03 April, 2026
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नीमच। हज़रत मोइनुद्दीन सरकार के 18वें चार रोज़ा क़ौमी एकता उर्स के अवसर पर आयोजित महफ़िल-ए-शमा में सूफियाना कव्वाली की शानदार प्रस्तुतियों ने अकीदतमंदों को रूहानी कैफ़ियत में सराबोर कर दिया। देर रात तक चली इस खास महफ़िल में मशहूर क़व्वालों ने एक से बढ़कर एक कलाम पेश कर माहौल को पूरी तरह नूरानी बना दिया।
पार्षद सईद चौधरी (काले भाई) और इक़बाल क़ुरैशी के अनुसार, 1 अप्रैल को नमाज़-ए-इशा के बाद आयोजित इस विशेष महफ़िल में शाहिद सावरी पार्टी (कोटा), हाजी अकरम उमर क़व्वाल (नीमच) और नुसरत क़ादरी (कपासान शरीफ) की क़व्वाल पार्टियों ने अपने फ़न का बेहतरीन प्रदर्शन किया।
क़व्वालों ने “मेरी ज़िंदगी के मालिक कहीं तुम बदल ना जाना”, “सरकार बुला लीजिए एक बार मदीने में”, “चलो दीवानों नबी के दर पर” और “ख्वाजा पिया नज़र-ए-करम फ़रमाना” जैसे मशहूर और मक़बूल कलाम पेश किए, जिन्हें सुनकर हाज़रीन झूम उठे और दिल खोलकर दाद दी। पूरा वातावरण इबादत और मोहब्बत के रंग में रंग गया।
उर्स के दौरान बड़ी संख्या में जायरीन ने दरगाह शरीफ़ पर हाज़िरी दी। अकीदतमंदों ने चादर शरीफ़ और फूल पेश कर दुआएं मांगीं। लोगों ने अपने घर-परिवार, शहर और मुल्क में अमन-ओ-अमान, तरक़्क़ी और खुशहाली की दुआ की।
लंगर-ए-आम में भी जायरीन ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे आपसी भाईचारे और क़ौमी एकता का संदेश और मजबूत हुआ।
उर्स के इस मुबारक मौके पर आस्ताने के बाहर की गई रंगीन और आकर्षक लाइटिंग विशेष आकर्षण का केंद्र रही। रात के समय रोशनी से जगमगाता परिसर बेहद खूबसूरत नजर आया, जिसने हर आने वाले का मन मोह लिया।
इस अवसर पर जाकिर हुसैन, राशिद ख़ान (सवा वाले), निगरान-ए-आला हुसैन क़ुरैशी, अब्दुल हकीम (सूबी वाले), पार्षद इक़बाल क़ुरैशी, संगठन मंत्री हाजी रज्जाक चौधरी, हाजी इस्लाम तिगाला, हाजी नौशाद चौधरी, शब्बीर भाई क़ुरैशी, जाहिद क़ादरी सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद और जायरीन मौजूद रहे।