डेस्क न्यूज़
03 April, 2026
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नीमच। गुड फ्राइडे के पावन अवसर पर नीमच स्थित आशीष भवन चर्च में विशेष प्रार्थना एवं आराधना का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रभु यीशु मसीह को क्रूस पर चढ़ाए जाने की घटना का स्मरण करते हुए उनके सात अंतिम वचनों पर मनन एवं चिंतन किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ईसाई समुदाय के महिला, पुरुष, युवा एवं युवतियों ने भाग लिया।
चर्च के पास्टर विनोद मईड़ा एवं एसपी मिन्हास ने बताया कि गुड फ्राइडे ईसाई धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है। इसी दिन प्रभु यीशु मसीह ने मानवता के उद्धार के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। इस अवसर पर चर्चों में विशेष प्रार्थनाएं, उपवास और प्रभु के कष्टों का स्मरण किया जाता है।
कार्यक्रम के दौरान प्रभु यीशु द्वारा क्रूस पर दिए गए सात अंतिम वचनों को श्रद्धापूर्वक दोहराया गया, जिनमें प्रमुख हैं—
“हे पिता, इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं।”
“आज ही तू मेरे साथ स्वर्गलोक में होगा।”
“हे स्त्री, देख, यह तेरा पुत्र है।”
“हे मेरे परमेश्वर, तूने मुझे क्यों छोड़ दिया?”
“मुझे प्यास लगी है।”
“सब कुछ पूरा हुआ।”
“हे पिता, मैं अपनी आत्मा तेरे हाथों में सौंपता हूं।”
इन वचनों के माध्यम से प्रभु यीशु ने क्षमा, प्रेम, दया, विश्वास और समर्पण का संदेश दिया, जिस पर आज भी ईसाई समाज अमल करता है।
कार्यक्रम में प्रत्येक वचन पर ईसाई समाज की महिलाओं को अपने विचार रखने का अवसर दिया गया। उन्होंने इन वचनों के महत्व और उनके जीवन में प्रभाव पर विस्तार से प्रकाश डाला।
गुड फ्राइडे के अवसर पर श्रद्धालुओं ने उपवास रखा और सादगीपूर्ण जीवन शैली अपनाई। चर्च में विशेष आराधना के दौरान शांति, प्रार्थना और आत्मचिंतन का वातावरण बना रहा।
अंत में मानवता की भलाई, शांति और प्रेम के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई।