न्यूज डेस्क
31 March, 2026
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जावद | नीमच जिले के जावद में आयोजित ‘जहरमुक्त-जीरो बजट कृषि प्रशिक्षण शिविर’ का मंगलवार, 31 मार्च को भव्य समापन हुआ। कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
समापन समारोह में सैकड़ों किसानों की उपस्थिति ने इसे किसी महाकुंभ से कम नहीं रहने दिया। क्षेत्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए किसानों ने इस प्रशिक्षण शिविर में भाग लेकर प्राकृतिक खेती की बारीकियां सीखी और जहरमुक्त खेती अपनाने का संकल्प लिया।
किसानों में दिखा अभूतपूर्व उत्साह
कार्यक्रम के अंतिम दिन सुबह से ही कृषि उपज मंडी परिसर में किसानों का सैलाब उमड़ पड़ा। आयोजन स्थल पर भक्ति, ऊर्जा और उत्साह का माहौल देखने को मिला। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के आगमन पर किसानों और आयोजन समिति द्वारा जोरदार स्वागत किया गया।
इस दौरान किसानों ने प्राकृतिक खेती के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी जाहिर की और रासायनिक खादों व कीटनाशकों से दूर रहने का संदेश दिया।
सुभाष पालेकर ने दिया ‘शून्य लागत खेती’ का मंत्र
शिविर में ‘कृषि ऋषि’ पद्मश्री डॉ. सुभाष पालेकर ने किसानों को प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों और तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक देसी गाय के आधार पर किसान 15 एकड़ तक ‘शून्य लागत’ में खेती कर सकता है।
पालेकर ने कहा कि रासायनिक खेती से जमीन की उर्वरता और मानव स्वास्थ्य दोनों को नुकसान हो रहा है, ऐसे में ‘जहरमुक्त खेती’ ही भविष्य का रास्ता है।
सखलेचा की पहल बनी मिसाल
पूर्व मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक ओमप्रकाश सखलेचा की पहल पर आयोजित यह राष्ट्रीय स्तर का शिविर किसानों के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। उनके मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम ने जावद को प्राकृतिक खेती के एक बड़े केंद्र के रूप में स्थापित किया है।
आयोजन में भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय प्रशासन की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने व्यवस्थाओं को सफलतापूर्वक संभाला।
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि प्राकृतिक खेती ही भविष्य की खेती है। यह किसानों की लागत कम करने के साथ-साथ मिट्टी और पर्यावरण की रक्षा भी करती है। सरकार इस दिशा में किसानों को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
कृषि ऋषि डॉ. सुभाष पालेकर ने कहा कि “एक देसी गाय के सहारे किसान 15 एकड़ तक बिना खर्च के खेती कर सकता है। जहरमुक्त खेती ही देश को स्वस्थ बनाएगी और किसानों को कर्ज के चक्र से बाहर निकालेगी।”
विधायक ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा कि “यह शिविर केवल प्रशिक्षण नहीं, बल्कि एक आंदोलन है। जावद से शुरू हुई यह पहल पूरे प्रदेश और देश में खेती की दिशा बदलने का काम करेगी।”