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खामोशी की भाषा में गूंजा जज्बा: इशारों में बोले हौसले, 20वें नववर्ष मिलन में मूकबधिरों ने रचा प्रेरणा का इतिहास

न्यूज डेस्क 30 March, 2026 अन्य

नीमच। जहां शब्द थम जाते हैं, वहां हौसले बोलते हैं—नीमच में आयोजित मूकबधिर संघ का 20वां नववर्ष मिलन समारोह इसी जज्बे का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। शहर के वात्सल्य भवन में रविवार को आयोजित इस अनूठे कार्यक्रम में मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात सहित कई राज्यों से आए सदस्यों ने भाग लेकर यह साबित कर दिया कि शारीरिक अक्षमता कभी भी सपनों और उत्साह की राह में बाधा नहीं बन सकती।

इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि यहां हर संवाद इशारों में हुआ—बातचीत भी, प्रतियोगिताएं भी और जीत की खुशियां भी। ना बोल पाने और ना सुन पाने के बावजूद प्रतिभागियों का आत्मविश्वास और जोश किसी भी सामान्य आयोजन से कम नहीं था, बल्कि कहीं अधिक प्रेरणादायक नजर आया। हर इशारा मानो संघर्ष, आत्मबल और सफलता की कहानी कह रहा था।

कार्यक्रम में महिलाओं और पुरुषों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विजेताओं को प्रथम पुरस्कार 2000 रुपये, द्वितीय 1500 रुपये, तृतीय 1000 रुपये, चतुर्थ 500 रुपये और पंचम 250 रुपये सहित अन्य आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए गए। मुख्य अतिथियों एवं जनप्रतिनिधियों ने विजेताओं को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया।

आयोजन को सफल बनाने में संघ के सचिव अशोक एरन, कोषाध्यक्ष महेश गोयल सहित तेज सिंह, शिवराज राठौर, चंद्रेश मित्तल, गिरीश जैन, समीर हुसैन और भेरू शंकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संघ के सदस्य मुकेश शर्मा ने बताया कि यह आयोजन पिछले 20 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है, जिसमें नीमच, मंदसौर, इंदौर, चित्तौड़, रतलाम, अजमेर, भीलवाड़ा, उज्जैन, झाबुआ और जयपुर सहित कई स्थानों से सदस्य शामिल होते हैं।

सबसे प्रेरणादायक पहलू यह रहा कि कई सदस्य शासकीय सेवाओं में कार्यरत होने के बावजूद समय निकालकर इसमें भाग लेते हैं। यह दर्शाता है कि वे “विकलांग नहीं, बल्कि सक्षम और स्वाभिमानी” हैं। दिनभर चली गतिविधियों के बाद शाम को पुरस्कार वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, लेकिन यह आयोजन समाज के लिए एक मजबूत संदेश छोड़ गया—परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, बुलंद हौसले हर खामोशी को आवाज दे सकते हैं।

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