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जावद में ‘जहर मुक्त खेती’ का राष्ट्रीय महायज्ञ 28 मार्च से, देशभर के किसान होंगे शामिल

डेस्क न्यूज 19 March, 2026 अन्य

नीमच / जावद। मध्यप्रदेश के जावद में पहली बार किसानों को आत्मनिर्भर और खेती को पूरी तरह ‘जहर मुक्त’ बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर का भव्य आयोजन होने जा रहा है। 28 से 31 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाले इस चार दिवसीय ‘जीरो बजट जहरमुक्त खेती शिविर’ में देशभर के हजारों किसान भाग लेंगे। इस आयोजन की पहल क्षेत्रीय विधायक ओमप्रकाश सकलेचा ने की है, जिसे कृषि क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।


‘कृषि ऋषि’ देंगे खेती का नया मंत्र

इस महायज्ञ में पद्मश्री सम्मानित ‘कृषि ऋषि’ Subhash Palekar स्वयं उपस्थित रहेंगे और किसानों को ‘शून्य लागत प्राकृतिक खेती’ (Zero Budget Natural Farming) का गहन प्रशिक्षण देंगे।
डॉ. पालेकर किसानों को बताएंगे कि किस प्रकार बिना रासायनिक खाद और कीटनाशकों के, केवल एक देसी गाय के माध्यम से 10 से 15 एकड़ जमीन पर सफल और लाभकारी खेती की जा सकती है।

उनका मॉडल इस सिद्धांत पर आधारित है कि किसान को अपनी खेती के लिए बाजार से किसी भी प्रकार का रासायनिक इनपुट खरीदने की आवश्यकता नहीं होती, जिससे लागत लगभग शून्य हो जाती है और खेती पूरी तरह विषमुक्त बनती है।


प्रधानमंत्री के विजन को मिलेगा धरातल

यह आयोजन नरेंद्र मोदी के उस विजन को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसमें वे प्राकृतिक खेती को देशभर में बढ़ावा देने की बात करते रहे हैं।
प्रधानमंत्री कई बार अपने भाषणों में डॉ. पालेकर के मॉडल की सराहना कर चुके हैं और किसानों से इसे अपनाने का आह्वान भी किया है।


कर्ज और रसायनों से मुक्ति का रास्ता

आज के समय में किसान बढ़ती लागत, रासायनिक खाद के दुष्प्रभाव और कर्ज के बोझ से जूझ रहा है। ऐसे में यह शिविर किसानों को एक वैकल्पिक और टिकाऊ खेती का रास्ता दिखाने का प्रयास करेगा।
यहां किसानों को प्राकृतिक तरीके से खेती कर लागत घटाने, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और बेहतर गुणवत्ता की फसल प्राप्त करने के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।


किसानों के लिए पूरी तरह निःशुल्क व्यवस्था

इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें भाग लेने वाले सभी किसानों के लिए ठहरने, भोजन और नाश्ते की व्यवस्था पूरी तरह निःशुल्क रखी गई है।
विधायक सखलेचा का मानना है कि आर्थिक अभाव के कारण कोई भी किसान इस महत्वपूर्ण ज्ञान से वंचित न रहे, इसलिए यह विशेष व्यवस्था की गई है।


जावद बनेगा प्राकृतिक खेती का ‘तीर्थ’

विधायक ओमप्रकाश सकलेचा ने कहा कि जावद अब देशभर के किसानों के लिए प्राकृतिक खेती का केंद्र बनने जा रहा है। यह शिविर विशेष रूप से उन किसानों के लिए उपयोगी होगा, जो कर्ज और रासायनिक खेती के दुष्चक्र से बाहर निकलना चाहते हैं।

उन्होंने नीमच जिले और आसपास के क्षेत्रों के किसानों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस शिविर में शामिल होकर उच्च स्तर का कृषि ज्ञान प्राप्त करें।


कृषि क्षेत्र में बदलाव की उम्मीद

आयोजन समिति के अनुसार, ‘जहर मुक्त खेती’ का यह मॉडल न केवल खेती की लागत को शून्य के करीब लाएगा, बल्कि उत्पादन की गुणवत्ता और किसानों की आय में भी वृद्धि करेगा।
यह पहल भारतीय कृषि को अधिक टिकाऊ, सुरक्षित और लाभकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।

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