तबरेज अगवान
12 March, 2026
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नीमच। [ तबरेज अगवान ] देशभर में एलपीजी गैस सिलेंडरों को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। अलग-अलग राज्यों से आ रही तस्वीरें और खबरें लोगों को बेचैन कर रही हैं। इसी बीच नीमच में भी गैस सिलेंडरों की किल्लत को लेकर चर्चाएं आग की तरह फैल गईं।
लेकिन दिलचस्प बात यह है कि शासन, प्रशासन और गैस एजेंसियां एक सुर में दावा कर रही हैं—“गैस की कोई कमी नहीं है, गोदाम फुल हैं, अफवाहों पर ध्यान न दें।”
मगर सवाल यह है कि अगर गोदाम भरे पड़े हैं तो उपभोक्ताओं के घर खाली क्यों हैं?
युद्ध मिडिल ईस्ट में… असर रसोई में
मिडिल ईस्ट में ईरान-अमेरिका-इजरायल तनाव चरम पर है। जैसे ही हॉर्मुज जलडमरूमध्य से तेल जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने की खबर आई, उसी दिन नीमच सहित देशभर में गैस सिलेंडर की कीमतों में उछाल दर्ज हो गया।
घरेलू गैस पर करीब 60 रुपए और कमर्शियल सिलेंडर पर 115 रुपए तक की बढ़ोतरी हो गई।
साथ ही गैस बुकिंग की लिमिट भी 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई।
प्रशासन का दावा — “सब ठीक है”
नीमच में गैस किल्लत की चर्चाओं के बीच कनावटी स्थित सांवलिया गैस एजेंसी पर प्रशासनिक टीम पहुंची।
मौके पर अपर कलेक्टर बी.एल. कलेश, एसडीएम संजीव साहू सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
अपर कलेक्टर बी.एल. कलेश का कहना है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और अफवाहें फैलाई जा रही हैं।
दावा इधर… शिकायत उधर
दिलचस्प नजारा तब देखने को मिला जब अधिकारी गैस की कमी न होने का दावा कर रहे थे और ठीक उसी समय उनके पास खड़ी एक गैस उपभोक्ता मीडिया को बता रही थी कि बुकिंग के बावजूद कई दिनों से सिलेंडर नहीं मिल रहा और परिवार परेशान है।
कमर्शियल गैस बंद… ढाबे बंद
स्थिति तब और उलझ गई जब दूसरे ही दिन कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई रोकने का आदेश आ गया।
नतीजा—नीमच सहित कई जगहों पर ढाबों और छोटे होटलों ने या तो ताले लगा दिए या फिर कंडे और लकड़ी के चूल्हों का सहारा लेना शुरू कर दिया।
तीसरे दिन — बुकिंग बंद!
तीसरे दिन खबर आई कि गैस कंपनियों के पोर्टल पर बुकिंग स्वीकार करना बंद हो गया है।
नतीजतन गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ने लगी।
चौथे दिन — पोर्टल क्रैश
युद्ध के चौथे दिन एजेंसियों की तरफ से नया अपडेट आया—
“गैस की किल्लत नहीं है… लेकिन पोर्टल क्रैश हो गया है।”
शादी वाले घर भी परेशान
नीमच में शादी-ब्याह के लिए कराई गई एडवांस गैस बुकिंग तक रद्द कर दी गई है, जिससे कई परिवारों की तैयारियों पर असर पड़ा है।
एजेंसी का पक्ष
श्याम गैस एजेंसी के संचालक श्याम नरेड़ी का कहना है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन तकनीकी कारणों से पोर्टल क्रैश हो गया है।
हालात कुछ ऐसे हैं—
गैस की किल्लत नहीं है… लेकिन बुकिंग नहीं हो रही।
गैस की किल्लत नहीं है… लेकिन सिलेंडर मिल नहीं रहा।
गैस की किल्लत नहीं है… लेकिन एडवांस बुकिंग रद्द हो रही है।
उन्होंने बताया कि उपभोक्ता फोन-पे या गूगल-पे से भुगतान कर सकते हैं, लेकिन डीएसी नंबर जनरेट नहीं होता, इसलिए सिलेंडर देना संभव नहीं हो पाता।