डेस्क न्यूज
09 March, 2026
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नीमच। कर्मकाण्डीय विप्र परिषद् की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को भूतेश्वर महादेव मंदिर स्थित माँ अन्नपूर्णा दरबार में संपन्न हुई। बैठक में परिषद के विस्तार, संगठनात्मक मजबूती और नगर के विभिन्न मंदिरों में सेवा दे रहे पुजारियों को संगठन से जोड़ने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए परिषद का नाम बदलकर “कर्मकाण्डीय विप्र पुजारी परिषद” करने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया।
बैठक में संगठन की वर्तमान कार्यकारिणी को भंग करने का निर्णय भी लिया गया। इसके बाद पंडित मालचंद शर्मा को पुनः परिषद का अध्यक्ष चुना गया। उपस्थित सदस्यों ने उन्हें बधाई दी और संगठन को आगे सशक्त रूप से संचालित करने का विश्वास जताया।
आगामी होली पर्व को देखते हुए सभी सदस्यों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर शुभकामनाएँ दीं और आपसी भाईचारे व सौहार्द का संदेश दिया। बैठक में यूजीसी कानून को लेकर भी चर्चा हुई, जिसमें सदस्यों ने कानून का विरोध करते हुए केंद्र सरकार से इसे वापस लेने की मांग की। उनका कहना था कि यह कानून युवा वर्ग के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है और समाज में अनावश्यक वर्ग संघर्ष उत्पन्न कर रहा है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि नई कार्यकारिणी के गठन तक पंडित राधेश्याम उपाध्याय कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में संगठन का संचालन करेंगे। बैठक में पं. प्रेमप्रकाश गौड़, पं. जगदीश प्रसाद शर्मा, पं. कमल शर्मा, पं. कृष्णकांत व्यास, पं. दुर्गाशंकर नागदा, पं. रूपा शर्मा, पं. राहुल शर्मा, पं. जयप्रकाश शर्मा, पं. महेश पाराशर, पं. लक्ष्मण शर्मा (शास्त्री), पं. राकेश चतुर्वेदी, पं. घनश्याम शास्त्री, पं. चंद्रशेखर तिवारी, पं. सुनील शर्मा, पं. राजेन्द्र पुरोहित, पं. गौरव पारिक, पं. कमलकांत जोशी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
उक्त जानकारी परिषद के पूर्व मंत्री पंडित जगदीश प्रसाद शर्मा ने दी।