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होलिका दहन 2 मार्च की मध्यरात्रि 1:30 बजे, 4 मार्च को मनाई जाएगी धुलेंडी — 3 मार्च को चंद्रग्रहण के कारण नहीं होगा रंगोत्सव

डेस्क न्यूज 22 February, 2026 अन्य

नीमच। होली पर्व की तिथि को लेकर शहर में चल रही चर्चाओं के बीच कर्मकाण्डीय विप्र परिषद, नीमच (म.प्र.) ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी कर संशय की स्थिति को समाप्त कर दिया है। परिषद के अनुसार इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च 2026, सोमवार को मध्यरात्रि 1:30 बजे भद्रा पुच्छ में किया जाएगा, जबकि धुलेंडी 4 मार्च 2026, बुधवार को मनाई जाएगी।

परिषद ने स्पष्ट किया कि 3 मार्च को धुलेंडी मनाना शास्त्रसम्मत नहीं है, क्योंकि उसी दिन चंद्रग्रहण का सूतक काल प्रभावी रहेगा। जानकारी के अनुसार 3 मार्च को प्रातः 6:55 बजे सूर्योदय से ही सूतक प्रारंभ हो जाएगा और शाम 6:47 बजे ग्रहण पूर्ण होने तक रहेगा। इस दौरान मंदिरों के पट बंद रहेंगे तथा प्रत्यक्ष पूजा, भगवान को रंग अर्पित करना, डोरे लेना, गणगौर पूजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान निषिद्ध रहेंगे।

परिषद के विद्वानों ने बताया कि होली खेलने से पहले भगवान को होली अर्पित की जाती है, किंतु सूतक काल में पूजा-विधि वर्जित होने के कारण 3 मार्च को धुलेंडी मनाना उचित नहीं होगा। इसी कारण ग्रहण समाप्ति के बाद 4 मार्च को धुलेंडी पर्व मनाना शास्त्र और व्यवहार दोनों दृष्टि से शुभ रहेगा। उल्लेखनीय है कि 4 मार्च को अवकाश भी घोषित है।

चंद्रग्रहण मात्र 17 मिनट दिखाई देगा
परिषद के अनुसार फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा पर 3 मार्च 2026 को होने वाला चंद्रग्रहण दोपहर 3:21 बजे से प्रारंभ होगा, किंतु नीमच एवं आसपास के क्षेत्रों में चंद्रमा उदय के बाद ही दिखाई देगा। चंद्र उदय लगभग शाम 6:30 बजे होगा और 6:47 बजे ग्रहण समाप्त हो जाएगा। इस प्रकार स्थानीय स्तर पर ग्रहण केवल लगभग 17 मिनट तक ही दृश्य रहेगा।

सूतक काल में प्रत्यक्ष पूजा, भोजन एवं अन्न ग्रहण वर्जित माना गया है। हालांकि बालक, वृद्ध एवं रोगी आवश्यकता अनुसार जल या आहार ले सकते हैं, बशर्ते सूतक प्रारंभ होने से पहले उसमें कुश (दर्भ) रखी गई हो। परिषद ने ग्रहण काल में जप, भजन और ध्यान को विशेष फलदायी बताया है।

इस विस्तृत घोषणा के बाद होली पर्व को लेकर शहर में स्पष्टता आ गई है। अब 2 मार्च की मध्यरात्रि होलिका दहन और 4 मार्च को रंगोत्सव मनाने की तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं।

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