डेस्क न्यूज
17 February, 2026
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नई दिल्ली | बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। करीब 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता को दिल्ली हाई कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है। मंगलवार शाम लगभग 5:30 बजे वह जेल से रिहा हो गए।
जमानत के लिए कोर्ट की कड़ी शर्त
कोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सोमवार (16 फरवरी) की सुनवाई में स्पष्ट किया था कि राहत पाने के लिए उन्हें दोपहर 3:00 बजे तक 1.5 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट प्रतिवादी कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर जमा करना होगा। राशि जमा होने की पुष्टि के बाद कोर्ट ने उनकी सजा को 18 मार्च तक निलंबित कर दिया।
रिहाई में एक दिन की देरी क्यों?
हालांकि जमानत सोमवार को ही मंजूर हो गई थी, लेकिन कागजी औपचारिकताएं पूरी न होने और जेल नियमों (सूर्यास्त के बाद रिहाई नहीं) के कारण उन्हें एक रात और जेल में रहना पड़ा। 17 फरवरी को सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद उनकी रिहाई संभव हो सकी।
मानवीय आधार पर मिली राहत
राजपाल यादव ने अपनी भतीजी की 19 फरवरी को शाहजहांपुर में होने वाली शादी का हवाला देते हुए मानवीय आधार पर जमानत की अपील की थी। कोर्ट ने शर्तों के साथ इसे मंजूर किया। 1 लाख रुपये का निजी मुचलका और समान राशि की जमानत।
पासपोर्ट जमा करना होगा, बिना अनुमति विदेश यात्रा पर रोक रहेगी।
मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है।
क्या है पूरा मामला ?
यह विवाद वर्ष 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी निर्देशित फिल्म अता पता लापता के निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। ब्याज और पेनल्टी के साथ यह राशि बढ़कर लगभग 9 करोड़ रुपये हो गई। भुगतान न करने और चेक बाउंस होने के कारण मामला अदालत पहुंचा और उन्हें जेल जाना पड़ा।
जेल से बाहर आते ही क्या बोले ?
रिहाई के बाद मीडिया से बातचीत में राजपाल यादव ने कहा,
"मैं न्यायपालिका का सम्मान करता हूँ। पिछले 30 सालों से मुझे देश और दुनिया के दर्शकों का प्यार मिला है। मैं हर कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग करूंगा।"