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जीबीएस से जूझ रहे धैर्य के लिए समाज बना सहारा, मदद के लिए स्कैनर जारी

डेस्क न्यूज 09 February, 2026 अन्य

नीमच \ मनासा | मनासा नगर के 17 वर्षीय धैर्य शर्मा, जो जीबीएस जैसी गंभीर बीमारी से संघर्ष कर रहे हैं, उनके इलाज के लिए अब समाज के हर वर्ग से मदद के हाथ आगे बढ़ने लगे हैं। जयपुर (राजस्थान) के गीतांजलि अस्पताल में पिछले 35 दिनों से आईसीयू में भर्ती धैर्य की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। चिकित्सकों के अनुसार उन्हें अभी करीब एक माह तक आईसीयू में ही रखना पड़ेगा, जिससे इलाज का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है।

धैर्य के पिता धर्मेंद्र शर्मा, जो मनासा के शासकीय चिकित्सालय में रेडियोग्राफर के पद पर कार्यरत हैं, ने बताया कि जीबीएस की गंभीरता के चलते धैर्य की ट्रेकियोस्टॉमी करनी पड़ी है। वर्तमान में वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर है और प्रतिदिन 20 से 25 हजार रुपये तक का खर्च आ रहा है। इतने लंबे इलाज के कारण परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से बेहद परेशान है।

इस कठिन समय में मनासा नगर सहित आसपास के क्षेत्रों के सामाजिक संगठनों, दानदाताओं और शुभचिंतकों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मदद की पहल शुरू कर दी है। धैर्य के इलाज के लिए आर्थिक सहयोग जुटाने हेतु परिजनों ने स्कैनर (QR कोड) भी जारी किया है, ताकि इच्छुक लोग सीधे सहायता राशि भेज सकें। समाज के लोग आगे आकर सहयोग कर रहे हैं और परिजनों तक सहायता राशि पहुंचाई जा रही है।

नगरवासियों का कहना है कि धैर्य केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का बेटा है। सभी की यही प्रार्थना है कि सामूहिक सहयोग से धैर्य को बेहतर इलाज मिले और वह जल्द स्वस्थ होकर अपने घर और परिवार के बीच लौट सके।

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