डेस्क न्यूज़
06 February, 2026
राजनीति
नीमच। नीमच जिले की जावद विधानसभा अंतर्गत मड़ावदा पंचायत के ग्राम रानपुर में मधुमक्खियों के हमले के दौरान 20 मासूम बच्चों को बचाने के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाली कंचनबाई का बलिदान अब केवल भावुक श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा। इस मामले में किसान नेता राजकुमार अहीर की पहल ने प्रशासन को निर्णायक मोड़ पर ला खड़ा किया है।
शुक्रवार को किसान नेता राजकुमार अहीर परिजनों को लेकर सीधे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और कंचनबाई के परिवार को शासकीय नौकरी और आर्थिक सहायता देने की ठोस मांग रखी। मुलाकात के दौरान कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने कंचनबाई के सुपुत्र को शासकीय सेवा में नियुक्ति देने का आश्वासन दिया, जिससे पीड़ित परिवार को पहली बार राहत की सांस मिली।
कंचनबाई के निधन के बाद सबसे पहले उनके घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त करने वाले भी किसान नेता राजकुमार अहीर ही थे। सिर्फ संवेदना तक सीमित न रहकर उन्होंने परिजनों को प्रशासनिक स्तर पर न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाया और कलेक्टर से मुलाकात तय करवाई।
कलेक्टर से मुलाकात के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी प्रभु चंदेल भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कंचनबाई का बलिदान साधारण घटना नहीं, बल्कि मानवता, मातृत्व और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल है—जिसे शासन स्तर पर सम्मान और संरक्षण मिलना ही चाहिए।