न्यूज डेस्क
02 February, 2026
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नीमच। नीमच शहर के ऐतिहासिक और आस्था के प्रमुख केंद्र श्री माधोपुरी बालाजी मंदिर की संभावित क्षति को लेकर सर्व हिन्दू समाज ने गंभीर चिंता जताई है। इसी को लेकर समाजजनों ने कलेक्टर प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपते हुए महू रोड पर चल रहे फोर लेन सड़क निर्माण कार्य को मंदिर की ओर न बढ़ाने और मंदिर परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि नीमच बस स्टैंड से महू की ओर जाने वाली सड़क पर स्थित पहली पुलिया वर्तमान में टू लेन है, जबकि फोर लेन सड़क निर्माण का कार्य प्रगति पर है। बीते दो दिनों से मंदिर की उत्तर दिशा में स्थित पुलिया का चौड़ीकरण किया जा रहा है, जिससे यह आशंका गहराती जा रही है कि सड़क विस्तार के दौरान मंदिर का लगभग 10 से 15 फीट हिस्सा प्रभावित हो सकता है। वर्तमान स्थिति में मंदिर सड़क स्तर से करीब 8 फीट नीचे स्थित है और उसकी बाउंड्री सड़क से सटी हुई है। ऐसे में यदि सड़क का विस्तार मंदिर की ओर किया गया, तो मंदिर परिसर को गंभीर क्षति पहुंचने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
सर्व हिन्दू समाज ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि माधोपुरी बालाजी मंदिर परिसर में भगवान भोलेनाथ, माता संतोषी, श्री गणेश एवं साईं बाबा के मंदिर भी स्थापित हैं। फोर लेन सड़क का विस्तार यदि मंदिर की दिशा में किया गया, तो यह केवल एक मंदिर का नुकसान नहीं होगा, बल्कि पूरे धार्मिक परिसर और उससे जुड़ी श्रद्धालुओं की भावनाओं पर गहरा आघात होगा।
समाजजनों ने बताया कि लगभग 200 वर्ष पुराना श्री माधोपुरी बालाजी मंदिर नीमच के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के स्थल की सुरक्षा प्रशासन की भी प्राथमिक जिम्मेदारी है। ज्ञापन में प्रशासन से आग्रह किया गया कि फोर लेन सड़क का निर्माण मंदिर की ओर न करते हुए सामने की दिशा में किया जाए, जहां पर्याप्त रिक्त भूमि उपलब्ध है। इससे सड़क निर्माण कार्य भी सुचारू रूप से जारी रह सकेगा और मंदिर को किसी प्रकार की क्षति भी नहीं पहुंचेगी।
सर्व हिन्दू समाज ने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से मंदिर की ओर हो रहे पुलिया एवं सड़क निर्माण कार्य को रोकने तथा वैकल्पिक दिशा में निर्माण कराने की मांग की है। समाज ने यह भी स्पष्ट किया कि मंदिर संरक्षण के लिए वे हर संभव सहयोग देने को तैयार हैं। ज्ञापन सौंपते समय समाजजनों ने प्रशासन से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने और मंदिर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।