डेस्क न्यूज
23 January, 2026
अपराध
नीमच। नीमच में एसआईआर की प्रक्रिया अब सिर्फ़ प्रशासनिक काम नहीं रही, बल्कि सियासी अखाड़ा बनती जा रही है। वार्ड नंबर 19, शौकतगंज से सामने आया मामला न सिर्फ़ चौंकाने वाला है, बल्कि सिस्टम की कमजोरी का फायदा उठा कर रंजिश निकालने का हथियार भी बन गया है । यहां मोहम्मद अफरोज के नाम पर फॉर्म नंबर-07 के ज़रिये आपत्ति लगा दी गई, वह भी यह कहते हुए कि संबंधित व्यक्ति “मृत” है—जबकि वोटर लिस्ट पूरी तरह सही है और अफरोज जिंदा है, नाम भी बरकरार है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब कांग्रेस पार्षद इकबाल कुरैशी ने इस आपत्ति की जानकारी अफरोज को दी। इसके बाद कथित “मृत” अफरोज सामने आया और विरोध दर्ज कराया। हाथ में शिकायती फॉर्म लिए खड़ा अफरोज मानो यही कह रहा हो—
“अगर मैं मरा होता, तो यहां कैसे खड़ा होता?”
अफरोज का कहना है कि वह जीशान कुरैशी को जानता है, एक ही कॉलोनी और गली में रहते हैं। हैरानी इस बात की है कि उसके नाम से न सिर्फ़ अफरोज, बल्कि कई लोगों पर आपत्तियां दर्ज की गई हैं।
वोटर लिस्ट में मेरा नाम सही है, फिर मेरे खिलाफ ऐसी आपत्ति क्यों लगाई गई, समझ से बाहर है।
कांग्रेस ने इस पूरे मामले को राजनीतिक तौर पर प्रेरित गड़बड़ी बताया है। पार्षद इकबाल कुरैशी का आरोप है कि—
“फॉर्म-07 का गलत इस्तेमाल कर लोगों को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। वोटर लिस्ट सही होने के बावजूद फर्जी आपत्तियां लगाना गंभीर मामला है।”
हालांकि जिस व्यक्ति के नाम से आपत्ति दर्ज होने की बात सामने आई है, जीशान कुरैशी ने इससे साफ इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी भी तरह की आपत्ति दर्ज नहीं कराई और उन्हें नहीं पता कि यह सब किसने किया।
मामले में सबसे दिलचस्प मोड़ तब आता है जब सामने आता है कि आपत्ति वाले फॉर्म में दर्ज मोबाइल नंबर गलत है, संपर्क नहीं हो पा रहा और पहचान संदिग्ध है। जानकारों की मानें तो एसआईआर के दौरान ऐसे कई फॉर्म सामने आ रहे हैं, जिनमें नाम-नंबर ग़लत हैं, लेकिन आपत्ति दर्ज हो जाती है।
साफ है—
वोटर लिस्ट सही है, लेकिन आपत्ति सिस्टम में सेंध है
गलत आपत्तियां लगाकर माहौल बनाने की कोशिश हो रही है
अब सवाल यही है कि
जब नाम नहीं कटा, वोटर जिंदा है, तो फॉर्म-07 के ज़रिये यह सियासी शोर क्यों?