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हार के डर से लोकतंत्र पर हमला: मतदाता सूची से नाम कटवाने की साजिश—कांग्रेस का भाजपा पर गंभीर आरोप, 7 दिन में 66 हजार से 11 लाख आपत्तियां, फर्जी फॉर्म-7 से चुनाव प्रभावित करने का दावा

डेस्क न्यूज 22 January, 2026 अन्य

नीमच | राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची को लेकर सियासत गरमा गई है। नीमच जिला कांग्रेस कमेटी ने भारतीय जनता पार्टी पर लोकतंत्र को कमजोर करने की बड़ी साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा है कि हार के डर से भाजपा दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कटवाने का सुनियोजित प्रयास कर रही है।
जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रेस वार्ता आयोजित कर आरोप लगाया की विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान जब भाजपा अपने मंसूबों में सफल नहीं हो पाई, तो अब अंतिम चरण में थोकबंद फर्जी आपत्तियां (फॉर्म-7) दाखिल कराई जा रही हैं।

आंकड़ों में बड़ा खेल: 7 दिन में 16 गुना उछाल
कांग्रेस जिलाध्यक्ष तरुण बाहेती ने चुनाव आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 11 जनवरी तक फॉर्म-7 की संख्या मात्र 66 हजार थी, जो 20 जनवरी तक बढ़कर करीब 11 लाख हो गई। कांग्रेस का दावा है कि मात्र 7 दिनों में इतनी बड़ी संख्या में आपत्तियां आना और एक जैसी प्रिंटिंग वाले फॉर्म सामने आना सीधे तौर पर सुनियोजित चुनावी षडयंत्र की ओर इशारा करता है।

नीमच जिले में संदिग्ध आपत्तियों की बाढ़
कांग्रेस ने नीमच जिले के कई बूथों के उदाहरण पेश किए—
रामपुरा (बूथ 262) – 44 आपत्तियां
नीमच यूथ (बूथ 54) – 183 आपत्तियां
नीमच सिटी (बूथ 36) – 90 आपत्तियां
घंटाघर क्षेत्र – 90 आपत्तियां
इंदिरा नगर (एक ही पोलिंग) – 85 आपत्तियां
पोलिंग क्रमांक 56 – 70 आपत्तियां
कांग्रेस का कहना है कि यह सामान्य प्रक्रिया नहीं, बल्कि निर्देशित कार्रवाई प्रतीत होती है।

प्रशासन को चेतावनी: निष्पक्ष नहीं तो अदालत का रास्ता
जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती और निर्वाचन प्रभारी बृजेश मित्तल ने जिला निर्वाचन अधिकारी और प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें:
फर्जी फॉर्म तत्काल निरस्त हों केवल अधिकृत, मुहरयुक्त मूल फॉर्म-7 ही स्वीकार किए जाएं, फोटोकॉपी फॉर्म रद्द हों। एफआईआर दर्ज की जाए, फर्जी आपत्तियां देने वालों पर तत्काल केस दर्ज हो, जिसमें नियम अनुसार 1 वर्ष की सजा का प्रावधान है।
 BLO पर सख्त निगरानी, बिना सत्यापन किसी भी पात्र मतदाता का नाम न हटे। नियम उल्लंघन पर बीएलओ पर भी एफआईआर हो। नियमों का पालन अनिवार्य, 
एक मतदान केंद्र पर एक दिन में अधिकतम 15 फॉर्म-7 से ज्यादा स्वीकार न किए जाएं। पारदर्शिता सुनिश्चित हो, जिन मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं, उनका पूरा विवरण कांग्रेस को उपलब्ध कराया जाए।

सड़क से अदालत तक लड़ाई—तरुण बाहेती
जिला अध्यक्ष तरुण बाहेती ने तीखे शब्दों में कहा— “भाजपा अपनी जनविरोधी नीतियों से जमीन खिसकती देख अब छल-कपट पर उतर आई है। हमने आज तक इतनी डरी हुई पार्टी नहीं देखी। कांग्रेस के बूथ लेवल एजेंट पूरी तरह सतर्क हैं। लोकतंत्र की रक्षा के लिए कांग्रेस सड़क से लेकर अदालत तक लड़ाई लड़ेगी।”

प्रेसवार्ता के दौरान मुख्य रूप से पूर्व विधायक संपत स्वरूप जाजू, पूर्व जिलाध्यक्ष अनिल चोरसिया, ब्रजेश सक्सेना, बृजेश मित्तल, योगेश प्रजापति और मोनू लोक्स उपस्थित रहे 

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