डेस्क न्यूज
22 January, 2026
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नीमच | मुख्य चौराहा क्षेत्र नीमच सिटी में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद होते नजर आ रहे हैं कि अब व्यापारी और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। शहर के मुख्य चौराहा क्षेत्र में स्थित एक दुकान-मकान पर अवैध वसूली के लिए ताले लगाने और जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
पीड़ित हेमंत सोनी पिता स्व. रमेशचंद्र सोनी, निवासी नीमच सिटी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि आरोपियों द्वारा उनसे दो लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई और रकम नहीं देने पर दुकान व मकान को जबरन बंद कर दिया गया।
फोन कॉल से शुरू हुआ डर का खेल
पीड़ित के अनुसार 20 जनवरी 2026 को आरोपी राजू दमामी ने वाट्सएप कॉल कर पहले ₹10 हजार की मांग की। कॉल काटने के बाद आरोपी अपने साथी ललित के साथ दुकान पर पहुंचा और सीधे दो लाख रुपये की मांग करते हुए धमकी दी कि रकम नहीं दी तो दुकान और मकान पर ताले लगा दिए जाएंगे।
आरोपियों ने दावा किया कि चार साल पहले उन्होंने मकान तोड़ने का काम किया था, जबकि पीड़ित का कहना है कि उनका कोई लेन - देन बकाया नहीं है।
घर खाली देख लगाए ताले, CCTV में कैद वारदात
21 जनवरी 2026 को जब पीड़ित घर पर मौजूद नहीं था, तब आरोपी राजू दमामी, ललित और अन्य लोगों ने मुख्य चौराहे स्थित मकान व दुकान पर जबरन ताले लगा दिए और मौके से फरार हो गए। पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई।
शाम को आरोपी दोबारा दुकान पर पहुंचा और धमकी दी—
“अभी तो सिर्फ ताले लगाए हैं, 24 घंटे में पैसे नहीं दिए तो बाकी दुकानों और पैतृक मकान पर भी ताले लगा देंगे। पुलिस में गए तो पूरे परिवार को खत्म कर देंगे।”
आरोपियों ने यहां तक कह दिया कि वे अवैध वसूली का काम करते हैं और कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। झूठे एससी-एसटी केस में फंसाने की धमकी भी दी गई।
डर के कारण बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती
लगातार मिल रही धमकियों से पीड़ित हेमंत सोनी की तबीयत बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें आशा हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उन्होंने पूरे मामले की लिखित शिकायत पुलिस को सौंपी है।
एसपी कार्यालय पहुंचे परिजन, कार्रवाई का भरोसा
मामले को लेकर पीड़ित के परिजन शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। यहां उनकी मुलाकात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवल सिंह सिसोदिया से हुई, जिन्होंने पूरे मामले में कठोर और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।