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पैर पसारती GBS बीमारी का कहर और सांसद नदारद ! सोशल मीडिया पर जबरदस्त ट्रोल हो रहे सांसद सुधीर गुप्ता, सांसद ढूंढ के लाने पर रखा 15 लाख का इनाम

द वॉचमेन पोस्ट 20 January, 2026 अन्य

नीमच \ मनासा | मनासा और नीमच में GBS (गिलियन–बैरे सिंड्रोम) बीमारी के मामलों ने प्रदेश सरकार को हिला कर रख दिया है। मनासा में दो मासूम बच्चों की मौत और करीब 14 संदिग्ध मरीज मिलने के साथ ही नीमच में भी दो मरीज सामने आने से पूरे प्रदेश में दहशत का माहौल बन गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तुरंत संज्ञान लिया और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री व उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल को व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए तत्काल क्षेत्र में भेजा।
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने नीमच में अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को तत्काल सुधारने के निर्देश दिए। इस दौरान नीमच, मनासा और जावद के तीनों विधायक भी मौजूद रहे। प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता दिखी, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में एक सवाल लगातार गूंजता रहा— क्या क्षेत्र के सांसद सुधीर गुप्ता को इस संकट से जूझ रही जनता से कोई सरोकार नहीं है?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जब क्षेत्र में गंभीर बीमारी ने दस्तक दी, तब मरीजों और उनके परिजनों को ढांढस बंधाने तक सांसद का मनासा या नीमच पहुँचना जरूरी नहीं समझा गया। सवाल उठ रहे हैं कि यदि यही समय चुनाव का होता, तो क्या सांसद दिन में कई बार जनता के बीच नजर नहीं आते ? लेकिन आपदा के समय जनता से दूरी क्यों ?

सोशल मीडिया पर विपक्ष का तीखा तंज
GBS संकट के बीच सांसद की गैरमौजूदगी को लेकर सोशल मीडिया पर विपक्ष तीखे तंज कस रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी पूछ रहे हैं— “कहाँ हो सांसद जी?” सोशल मीडिया पर व्यंग्य करते हुए यह तक कहा जा रहा है कि “सांसद जी को ढूंढकर लाने वाले को 15 लाख का इनाम दिया जाए।” वहीं “कब आएंगे सांसद जी, कहीं देर न हो जाए” जैसे कटाक्ष भी लगातार वायरल हो रहे हैं।
विपक्ष का आरोप है कि चुनाव के समय एक ही दिन में कई दौरों की तस्वीरें सामने आती हैं, लेकिन जब आमजन पर मुसीबत आई, तब सांसद सुधीर गुप्ता ने सुध तक नहीं ली।

नीमच से नहीं, सिर्फ चुनाव से सरोकार ?
कांग्रेस जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि आर. सागर कछावा ने आरोप लगाते हुए कहा कि सांसद सुधीर गुप्ता को नीमच जिले की जनता सिर्फ चुनाव के समय याद आती है। संकट के समय उनका नीमच से कोई लेना-देना नहीं रहता। उन्होंने कहा कि विकास कार्य हो या जनता के सुख-दुख का सवाल, सांसद की प्राथमिकता हमेशा मंदसौर रहती है, जबकि नीमच की अनदेखी की जाती है।

गैर-जिम्मेदारी का आरोप
पूर्व कार्यकारी जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंद्रशेखर पालीवाल ने सांसद पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आज़ाद भारत में जितने भी सांसद हुए हैं, उनमें सुधीर गुप्ता सबसे अधिक गैर-जिम्मेदार सांसदों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय मनासा की जनता ने भरपूर आशीर्वाद दिया, इसके बावजूद संकट के समय क्षेत्र में न आना शर्मनाक है।

सवाल अब भी कायम
नीमच और मनासा में GBS जैसी घातक बीमारी दस्तक दे चुकी है, प्रशासन सतर्क है, मंत्री और विधायक मैदान में हैं, लेकिन सांसद सुधीर गुप्ता की गैरहाजिरी कई सवाल खड़े कर रही है। क्या जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी सिर्फ चुनाव तक सीमित है या संकट के समय जनता के साथ खड़े होना भी उसकी नैतिक जिम्मेदारी है?
इन सवालों के जवाब अब सांसद को ही देने होंगे, क्योंकि जनता सवाल पूछ रही है और जवाब का इंतजार कर रही है।

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