डेस्क न्यूज़
17 January, 2026
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जावद। 6 वर्षीय मासूम बालक का अपहरण कर उसे विक्रय करने एवं दास बनाए जाने के उद्देश्य से ले जाने वाले आरोपी को जावद न्यायालय ने कड़ी सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश संदीप कुमार जैन, जावद ने आरोपी भागचंद उर्फ भग्गा उर्फ विकास पिता दुधाजी भील, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम डाबी, थाना जावद, जिला नीमच को धारा 140(4) भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अंतर्गत 5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 100 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी कर रहे एडीपीओ सुखराम गरवाल ने बताया कि यह घटना लगभग 15 माह पूर्व 7 सितंबर 2024 की रात करीब 1 बजे की है। ग्राम लुहारिया चुण्डावत निवासी फरियादी नंदलाल भील अपने परिवार के कंवरलाल के निधन के कारण उनके घर की रखवाली के लिए सोने गया था। इसी दौरान उसकी माता राजीबाई ने उसे सूचना दी कि उसका 6 वर्षीय पुत्र किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा घर से उठाकर जंगल की ओर ले जाया गया है। परिजनों ने बच्चे की तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला, जिसके बाद पुलिस थाना रतनगढ़ में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
विवेचना के दौरान रतनगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपहृत बालक को ग्राम लुहारिया चुण्डावत के जंगल से सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया। पुलिस द्वारा संदेही आरोपी की पहचान कराई गई, जिसमें बालक और राजीबाई ने आरोपी की शिनाख्त की। जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी द्वारा बालक का अपहरण उसे बेचने एवं दास बनाने के उद्देश्य से किया गया था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए इस प्रकरण को जघन्य एवं सनसनीखेज मानते हुए अभियोजन पक्ष द्वारा सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान कराए गए और अपराध को संदेह से परे प्रमाणित किया गया। न्यायालय ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए कठोर सजा सुनाई।
प्रकरण में शासन की ओर से सफल पैरवी एडीपीओ सुखराम गरवाल द्वारा की गई। न्यायालय के इस फैसले को बाल अपराधों के खिलाफ एक सख्त और महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है।