डेस्क न्यूज़
16 January, 2026
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नीमच | जिले के जावद थाना क्षेत्र की सरवानिया चौकी अंतर्गत ग्राम लासूर धामनिया में मकान की दीवार निर्माण को लेकर शुरू हुआ विवाद गुरुवार को हिंसक झड़प में बदल गया। फावड़े, ईंट और लाठियों से किए गए हमले में गंभीर रूप से घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया और शुक्रवार को गुस्साए परिजनों व ग्रामीणों ने केंट थाने के बाहर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की।
लासूर धामनिया निवासी पवन उर्फ प्रदीप पिता राधेश्याम (उम्र करीब 30–32 वर्ष) की गुरुवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि दीवार निर्माण को लेकर हुए विवाद में बड़े पापा के लड़के मुकेश बारोठ व उसके परिजनों ने एकजुट होकर पवन के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसकी जान चली गई। मृतक की पत्नी सुगना बारोठ ने बताया कि उनके मकान में दीवार निर्माण का कार्य चल रहा था, तभी मुकेश बारोठ पिता शंकरलाल ने आपत्ति जताते हुए पावड़े से पवन पर हमला कर दिया। आरोप है कि इस दौरान मुकेश के पिता शंकरलाल, उसकी माता भगवतीबाई और पुत्र पियूष ने भी ईंट व लाठियों से हमला किया। बीच-बचाव करने पहुंची महिलाओं के साथ भी गाली-गलौच और धक्का-मुक्की की गई।
परिजनों के अनुसार हमले में पवन को गंभीर आंतरिक चोटें आईं। हालत बिगड़ने पर उसे जिला चिकित्सालय नीमच में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान गुरुवार शाम करीब 6 बजे उसकी मौत हो गई। युवक की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। मृतक की पत्नी ने बताया कि उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं और इस घटना ने पूरे परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है।
न्याय की मांग को लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को एंबुलेंस में रखकर एसपी कार्यालय चौराहा पहुंचे। यहां शव नीचे उतारने को लेकर पुलिस और परिजनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद आक्रोशित परिजन और समाजजन शव सड़क पर रखकर बैठ गए और चक्काजाम कर दिया। परिजनों ने साफ चेतावनी दी कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
चक्काजाम के चलते महू–नसीराबाद रोड पर करीब एक से दो घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही तहसीलदार, केंट थाना प्रभारी निलेश अवस्थी, सीएसपी किरण चौहान और सरवानिया चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम हटाया गया और यातायात बहाल हुआ।
इस मामले में मृतक के परिजनों ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवल सिंह सिसोदिया को ज्ञापन सौंपते हुए आरोपियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज करने, तत्काल गिरफ्तारी करने और परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी घटना के बाद से लगातार धमकियां दे रहे हैं और रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बनाकर पूरे परिवार को जान से मारने की चेतावनी दे रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और ग्रामीणों के साथ समाजजनों ने पुलिस कार्रवाई को लेकर जमकर नारेबाजी की।