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स्कूल के सामने कचरा ट्रेचिंग ग्राउंड प्रस्ताव पर भड़के ग्रामीण, सरपंच के नेतृत्व में कलेक्टर प्रतिनिधि को सौंपा ज्ञापन

डेस्क न्यूज़ 12 January, 2026 अन्य

नीमच | ग्राम पंचायत चीताखेड़ा में शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल के सामने प्रस्तावित नगर पालिका नीमच के कचरा ट्रेचिंग ग्राउंड को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश  व्याप्त है। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को ग्राम सरपंच के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्टर प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपते हुए उक्त भूमि को ट्रेचिंग ग्राउंड के लिए तत्काल निरस्त करने की मांग की।
ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि ग्राम चीताखेड़ा स्थित शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल के ठीक सामने शासकीय भूमि पर नगर पालिका द्वारा कचरा ट्रेचिंग ग्राउंड बनाए जाने के उद्देश्य से हाल ही में तहसीलदार जीरन द्वारा सीमांकन किया गया है। स्कूल के सामने कचरा ग्राउंड बनने से विद्यार्थियों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और उनके स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न होगा। उल्लेखनीय है कि इस विद्यालय में आसपास के 10 से 12 गांवों के लगभग 500 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, वहीं यह विद्यालय बोर्ड परीक्षा केंद्र भी है, जहां परीक्षाओं के दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पहुंचते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्कूल के सामने कचरा ट्रेचिंग ग्राउंड बनाया गया तो कूड़े-कचरे, दुर्गंध और गंदगी के कारण विद्यार्थियों, शिक्षकों सहित ग्रामीणों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। चयनित भूमि ग्राम आबादी से मात्र 500 से 700 मीटर की दूरी पर स्थित है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बनी रहेगी। इसके अलावा यह भूमि मुख्य मार्ग से जुड़ी हुई है, जिससे आम राहगीरों और यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ेगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन को यह भी अवगत कराया कि इसी मार्ग पर अंबा माता का भव्य मंदिर स्थित है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में ट्रेचिंग ग्राउंड बनने से धार्मिक भावनाएं आहत होने की संभावना है। साथ ही ग्रामीणों ने यह भी बताया कि उक्त भूमि पूर्व में पुलिस चौकी के लिए प्रस्तावित रह चुकी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कचरा ट्रेचिंग ग्राउंड का प्रस्ताव निरस्त नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ग्रामीणों के इस तीखे विरोध के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर निर्णय को लेकर हलचल तेज हो गई है।

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