डेस्क न्यूज
07 January, 2026
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नीमच। नीमच जिले के मनासा वन परिक्षेत्र अंतर्गत बैसदा बीट की वन भूमि कक्ष क्रमांक 391 में 5 जनवरी 2026 को एक वन्यजीव तेंदुए की मृत्यु का मामला सामने आया, जिससे वन विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए), नई दिल्ली एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक मध्यप्रदेश, भोपाल द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत त्वरित और सख्त कार्रवाई की।
सुरक्षा और जांच की दृष्टि से घटनास्थल को तत्काल सुरक्षित किया गया। डॉग स्क्वाड की सहायता से आसपास के क्षेत्र की गहन तलाशी ली गई, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि के संकेत मिल सकें। वन विभाग के अनुसार प्रारंभिक जांच में तेंदुए के शिकार किए जाने के कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिले हैं, जिससे अवैध शिकार की आशंका फिलहाल कम प्रतीत हो रही है।
मृत तेंदुए का पोस्टमार्टम विशेषज्ञ वन्यजीव चिकित्सकों डॉ. जीवन नाथ एवं डॉ. भूपेश पाटीदार द्वारा नियमानुसार किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार तेंदुए के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं, जो इस बात की ओर इशारा करता है कि तेंदुए की मृत्यु किसी अवैध शिकार के कारण नहीं हुई। हालांकि, मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत तकनीकी जांच अभी जारी है।
निर्धारित प्रक्रिया के तहत मृत तेंदुए के शव का दाह-संस्कार एवं भस्मीकरण वनमंडलाधिकारी नीमच, तहसीलदार मनासा, ग्राम पंचायत पलासिया के सरपंच, वन अमले एवं अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया। पूरी प्रक्रिया की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी कराई गई, ताकि जांच में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।
वन विभाग ने मामले में वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं अन्य तकनीकी परीक्षणों के आधार पर तेंदुए की मृत्यु के वास्तविक कारणों का शीघ्र खुलासा किया जाएगा।