डेस्क न्यूज
03 January, 2026
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नीमच | जिले में जल जनित बीमारियों की रोकथाम और नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने जिले की सभी नगरीय निकायों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत नगरीय क्षेत्रों में जल स्रोतों की साफ-सफाई, जल उपचार, भंडारण और वितरण व्यवस्था को दुरुस्त करने पर विशेष जोर दिया गया है।
जिला शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी पराग जैन ने बताया कि कलेक्टर द्वारा जिले के सभी नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (सीएमओ) को निर्देशित किया गया है कि वे सभी जल स्रोतों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करें, ताकि जल की शुद्धता बनी रहे। इसके साथ ही जल उपचार संयंत्र (WTP) के फिल्टर बेड का नियमित संधारण किया जाए तथा आवश्यकता अनुसार एलम और क्लोरीन की उचित मात्रा का उपयोग कर जल शुद्धिकरण सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए हैं कि नगरीय क्षेत्रों की सभी उच्च स्तरीय जल टंकियों की समय-समय पर नियमित सफाई की जाए और प्रत्येक टंकी पर सफाई की तिथि स्पष्ट रूप से अंकित की जाए। इसके अलावा सभी हैंडपंपों और नलकूपों में ब्लीचिंग पाउडर अथवा लिक्विड सोडियम हाइपोक्लोराइड का उपयोग कर पानी को जीवाणु रहित बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
पेयजल पाइप लाइनों के संबंध में कलेक्टर ने विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। खुली नालियों या सीवर के समीप से गुजरने वाली पाइप लाइनों का नियमित निरीक्षण कर लीकेज और दूषण की संभावना को रोकने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, पानी के रंग या बदबू की शिकायत मिलने पर संबंधित क्षेत्र में तत्काल जल प्रदाय बंद कर वैकल्पिक स्रोत से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने और 24 घंटे के भीतर शिकायत का समाधान करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
शुद्ध पेयजल वितरण सुनिश्चित करने के लिए नगरीय निकायों को प्रभावी तकनीकों का उपयोग कर जल शुद्धिकरण प्रक्रिया को मजबूत करने को कहा गया है। साथ ही पेयजल वितरण नलिकाओं में पाए जाने वाले सभी लीकेज को 24 घंटे के भीतर दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने पेयजल में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की नियमित जांच कराने पर भी जोर दिया है। इसके तहत जल स्रोतों, ट्रीटमेंट प्लांट, जल टंकियों और वितरण नलिकाओं के अंतिम बिंदु से पानी के सैंपल लेकर उनकी जांच कराने और जांच का पूरा रिकॉर्ड संधारित करने के निर्देश सभी नगरीय निकायों को दिए गए हैं।
जिला प्रशासन जल जनित बीमारियों की रोकथाम और नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आम जनता से भी अपील की गई है कि वे जल संरक्षण में सहयोग करें और जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने में प्रशासन का साथ दें। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने सभी नगरीय निकायों के सीएमओ को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करते हुए तीन दिवस के भीतर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में पेयजल स्रोतों की साफ-सफाई, जल टंकियों के नियमित संधारण और पेयजल पाइप लाइनों के रखरखाव को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए थे। इन सुझावों के आधार पर नगरीय निकायों द्वारा पाइप लाइनों के संधारण एवं सुधार कार्य प्रारंभ कर दिए गए हैं, वहीं जल टंकियों की साफ-सफाई और जल शुद्धिकरण का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है।