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सगराना के किसानों का विरोध तेज, सीमेंट फैक्टरी के भूमि अधिग्रहण पर भेदभाव का आरोप, मुख्यमंत्री–राज्यपाल से न्याय की गुहार

डेस्क न्यूज 02 January, 2026 अन्य

नीमच। ग्राम सगराना, जिला नीमच में प्रस्तावित/स्थापित सीमेंट फैक्टरी को लेकर किसानों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। ग्राम सगराना संघर्ष समिति के नेतृत्व में किसानों ने भूमि अधिग्रहण, मुआवजा दरों में भेदभाव और रोजगार को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराते हुए इसे किसानों के अधिकारों के विरुद्ध बताया है। किसानों का आरोप है कि उनकी कृषि भूमि को स्वैच्छिक सहमति के बिना अधिग्रहित करने का दबाव बनाया जा रहा है, जो असंवैधानिक और अनुचित है।

संघर्ष समिति ने बताया कि पूर्व में ग्राम के कुछ किसानों को उनकी भूमि का भुगतान ₹6 लाख प्रति आरी की दर से किया गया है, जबकि शेष किसानों को इससे कम मूल्य देने की बात कही जा रही है। किसानों का कहना है कि एक ही गांव और एक ही परियोजना के तहत अलग-अलग दरें तय करना स्पष्ट भेदभाव है और इससे किसानों के साथ अन्याय हो रहा है।

किसानों ने फैक्टरी प्रबंधन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। समिति के अनुसार फैक्टरी के मैनेजिंग डायरेक्टर राधेश्याम जोशी द्वारा कथित रूप से कुछ दलालों के माध्यम से किसानों को गुमराह किया जा रहा है। आरोप है कि किसानों से कहा जा रहा है कि यदि वे अभी भूमि देते हैं तो उन्हें कम राशि मिलेगी और अधिक मुआवजा पाने के लिए परिवार के अन्य सदस्यों की भूमि भी फैक्टरी को दिलवानी होगी। किसानों का कहना है कि इस तरह की बातें दबाव बनाने और भ्रम फैलाने का प्रयास हैं।

ग्राम सगराना संघर्ष समिति ने अपनी प्रमुख मांगों में कहा है कि भूमि का अधिग्रहण केवल किसानों की स्वैच्छिक सहमति से किया जाए, सभी प्रभावित किसानों को समान और उचित मुआवजा दिया जाए, प्रत्येक प्रभावित परिवार के एक सदस्य को योग्यता अनुसार स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया जाए, किसानों को गुमराह करने के मामलों की निष्पक्ष जांच हो तथा फैक्टरी से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने और भारी वाहनों के लिए पृथक सड़क व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

किसानों ने इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री और राज्यपाल से हस्तक्षेप कर किसानों को न्याय दिलाने की मांग की है। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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