डेस्क न्यूज
28 December, 2025
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नीमच। शहर की रफ्तार थम गई है… और वजह है टैगोर मार्ग पर दुकानदारों की मनमानी और प्रशासन की खामोशी। नीमच का सबसे व्यस्त और अहम मार्ग आज अव्यवस्था, अतिक्रमण और ट्रैफिक जाम का स्थायी ठिकाना बन चुका है। जहां कभी आवागमन सुचारु था, वहां अब दुकानदारों की निजी पार्किंग ने आमजन का रास्ता रोक दिया है।
टैगोर मार्ग पर कई दुकानदारों ने दुकानों के सामने स्थायी पार्किंग बना ली है। हालत यह है कि कुछ वाहन महीनों नहीं, बल्कि सालों से एक ही जगह खड़े हैं, ऊपर से कवर डालकर उन्हें स्थायी बना दिया गया है। नतीजा—खरीदारी करने आने वाले ग्राहक मजबूरन अपने वाहन सड़क पर बेतरतीब खड़े करते हैं और देखते ही देखते पूरा इलाका जाम में तब्दील हो जाता है।
यह कोई छोटा-मोटा मार्ग नहीं है। टैगोर मार्ग से बोहरा बाजार, नायका ओली, चूड़ी गली, पुस्तक बाजार, सर्राफा बाजार, नया बाजार, दाना गली जैसे शहर के सबसे व्यस्त बाजार जुड़े हुए हैं। ऐसे में यहां की गई स्थायी पार्किंग पूरे व्यापारिक क्षेत्र को प्रभावित कर रही है। राहगीर परेशान हैं, ग्राहक उलझन में हैं और ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।
गौरतलब है कि पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राकेश ‘पप्पू’ जैन ने अपने कार्यकाल में इस क्षेत्र से अतिक्रमण हटवाकर व्यवस्था सुधारने की पहल की थी। उसके बाद वर्तमान स्वाति चौपड़ा की परिषद ने भी दो बार अतिक्रमण के खिलाफ बिगुल बजाया बावजूद इसके आज वही टैगोर मार्ग फिर से अतिक्रमणकारियों के हवाले हो गया है। प्रशासन की ढिलाई ने दुकानदारों के हौसले इतने बुलंद कर दिए हैं कि नियम-कानून अब मजाक बनकर रह गए हैं।
दिलचस्प बात यह है कि टैगोर मार्ग के ही कई दुकानदार इस अवैध पार्किंग का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि स्थायी रूप से जमी गाड़ियों के कारण उनके ग्राहकों के लिए भी पार्किंग की कोई जगह नहीं बचती। यानी समस्या अब केवल आम जनता की नहीं, बल्कि खुद व्यापारियों की भी बन चुकी है।
सबसे गंभीर पहलू यह है कि यह पूरा खेल नगर पालिका और प्रशासन की आंखों के सामने चल रहा है। इसके बावजूद न तो अतिक्रमण हटाया गया, न ही स्थायी रूप से खड़े वाहनों पर कोई कार्रवाई हुई। न चालान, न टोइंग—बस चुप्पी।
इस मुद्दे पर द वॉचमैन पोस्ट ने नगर पालिका सीएमओ दुर्गा बामनिया से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। यह रवैया भी कई सवाल खड़े करता है।