डेस्क न्यूज
25 December, 2025
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नीमच। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दू युवक दीपू दास के साथ हुई निर्मम, अमानवीय और निंदनीय घटना के विरोध में नीमच में सर्व हिन्दू समाज सड़कों पर उतर आया। घटना से व्यथित एवं आक्रोशित समाजजनों ने पहले बांग्लादेश के प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस का पुतला दहन कर कड़ा विरोध दर्ज कराया, इसके बाद भारत सरकार से कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग को लेकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
यह ज्ञापन कलेक्टर प्रतिनिधि एवं नायब तहसीलदार संजय मालवीय को सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि दीपू दास के साथ हुई घटना न केवल मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है, बल्कि बांग्लादेश में रह रहे अल्पसंख्यक हिन्दू समुदाय की सुरक्षा पर भी गहरे सवाल खड़े करती है। ऐसी घटनाएं मानवता, लोकतांत्रिक मूल्यों और सभ्य समाज की अवधारणा के खिलाफ हैं, जो क्षेत्रीय शांति और सौहार्द को भी प्रभावित करती हैं।
सर्व हिन्दू समाज ने राष्ट्रपति के नाम सौंपे ज्ञापन में मांग की कि भारत सरकार कूटनीतिक स्तर पर बांग्लादेश सरकार से प्रभावी संवाद स्थापित कर इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करे। प्रमुख मांगों में घटना की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा बांग्लादेश में रह रहे अल्पसंख्यक हिन्दुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग शामिल है।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय पर लगातार हो रहे अत्याचार अत्यंत चिंताजनक हैं। यदि समय रहते अंतरराष्ट्रीय और कूटनीतिक दबाव नहीं बनाया गया, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने भारत सरकार से अपेक्षा जताई कि वह पड़ोसी देश में रहने वाले हिन्दुओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए निर्णायक पहल करे।
इस अवसर पर सर्व हिन्दू समाज के वरिष्ठ नागरिक, युवा वर्ग और विभिन्न हिन्दू संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों को कड़ी सजा दिलाने और अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।