डेस्क न्यूज
23 December, 2025
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नीमच। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान पाने का सपना देख रहे गरीब परिवार आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। मकान तो मिले, लेकिन न रोशनी है, न सुरक्षा और न ही कानूनी अधिकारों की स्पष्टता।
इन्हीं गंभीर समस्याओं को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में पीएम आवास योजना के हितग्राही कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और विरोध दर्ज कराया।
नगर पालिका नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापति के नेतृत्व में पहुंचे हितग्राहियों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि धनतेरस के मौके पर प्रतीकात्मक रूप से मकानों का आवंटन कर दिया गया, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी आज तक उनमें विद्युत मीटर नहीं लगाए गए हैं। नतीजा यह है कि गरीब परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
हितग्राहियों ने बताया कि रात होते ही हालात और भयावह हो जाते हैं। दीपक और चिराग की रोशनी में जीवन कट रहा है, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है और महिलाओं व बुजुर्गों की सुरक्षा पर भी खतरा बना रहता है। आरोप है कि उद्घाटन समारोह के दौरान जनरेटर या अस्थायी व्यवस्था से लाइट जलाकर स्थिति को बेहतर दिखाया गया, लेकिन असली सच्चाई आवंटन के बाद सामने आई।
मामला यहीं नहीं रुका। हितग्राहियों ने रजिस्ट्री के नाम पर एक लाख रुपये की मांग किए जाने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना असंभव है। बिना रजिस्ट्री न तो भविष्य सुरक्षित है और न ही बिजली कनेक्शन मिल पा रहा है, जिससे समस्या और जटिल हो गई है।
कई बार अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद समाधान न निकलने से आक्रोशित हितग्राहियों ने सीधे प्रशासन का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि पीएम आवास योजना एक सराहनीय योजना है, लेकिन अव्यवस्था और लापरवाही के कारण इसका उद्देश्य ही कमजोर हो रहा है।
हितग्राहियों की मांग है कि जल्द से जल्द मकानों में स्थायी बिजली कनेक्शन दिए जाएं, रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल और निःशुल्क बनाया जाए, ताकि गरीब परिवार वास्तव में सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन जी सकें।