डेस्क न्यूज
20 December, 2025
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नीमच। नीमच के समीप भरभड़िया बायपास स्थित एक रस्सी फैक्ट्री में महिला मजदूरों के साथ कथित शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। शनिवार सुबह फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा समय का हवाला देते हुए कई महिला मजदूरों को काम पर लेने से मना कर दिया गया। बताया गया कि फैक्ट्री का समय सुबह 8 बजे निर्धारित है, जबकि कुछ महिलाएं 8 बजकर 10 से 15 मिनट की देरी से पहुंची थीं। इसी बात को लेकर फैक्ट्री मालिक ने गेट बंद कर महिलाओं को बाहर निकाल दिया, जिसके बाद महिलाएं सुबह 8 बजे से फैक्ट्री गेट के बाहर बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रही हैं।
महिला मजदूर लाली बाई जाटव सहित अन्य महिलाओं ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री में मालिक द्वारा लगातार तानाशाही रवैया अपनाया जाता है। उनका कहना है कि यदि कोई महिला मजदूर मात्र 10 मिनट भी लेट हो जाए तो उसके साथ गाली-गलौज की जाती है। शनिवार को तो हद हो गई जब सभी महिलाओं को गेट बंद कर बाहर निकाल दिया गया।
महिलाओं ने बताया कि उनसे सुबह 8 बजे से शाम 5:30 बजे तक करीब 10 घंटे काम कराया जाता है, साथ ही एक महिला मजदूर से 70 से 80 किलो तक वजन उठवाया जाता है। यदि कोई महिला वजन उठाने में असमर्थता जताती है तो उसके साथ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया जाता है। इससे महिलाओं के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ रहा है।
महिला मजदूरों का यह भी आरोप है कि जब भी किसी अधिकारी का निरीक्षण होता है, उस दिन उन्हें छुट्टी दे दी जाती है, ताकि फैक्ट्री की वास्तविक स्थिति सामने न आ सके। महिलाओं का कहना है कि फैक्ट्री में श्रम कानूनों और नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है।
महिला मजदूरों ने मांग की है कि उनसे नियमों के अनुसार ही काम लिया जाए और उन्हें उचित वेतन व सम्मानजनक व्यवहार दिया जाए। वहीं श्रम विभाग मजदूरों के हितों की बात तो करता है, लेकिन ऐसी फैक्ट्रियों में लगातार सामने आ रहे शोषण के मामले विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करते हैं। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में क्या ठोस कार्रवाई करता है।