डेस्क न्यूज
10 December, 2025
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नीमच। शहर के चर्चित गोपी मिष्ठान भण्डार के मालिक को बिना वैध लाइसेंस तीखा मिक्सचर बनाने और बेचने पर न्यायालय ने कठोर कार्रवाई करते हुए तीन माह के सश्रम कारावास और 10,000 रुपए के अर्थदंड की सज़ा सुनाई है। यह फैसला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विशाल खाड़े द्वारा सुनाया गया।
राजेश सैनी (40 वर्ष), निवासी नीमच, मैसर्स गोपी मिष्ठान भण्डार, 503 तिलक मार्ग का संचालन करते हैं। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 31 सहपठित धारा 63 के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए अदालत ने अपराध सिद्ध पाया।
7 साल पुरानी कार्रवाई से पर्दा उठा
सरकारी पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे एडीपीओ अजय वर्मा ने बताया कि दिनांक 27 फरवरी 2018 की शाम लगभग 5 बजे खाद्य सुरक्षा अधिकारी सचिन लोगरिया नियमित निरीक्षण पर गोपी मिष्ठान पहुंचे। दुकान पर मिठाइयों के साथ गोपी मिष्ठान ब्रांड के विभिन्न नमकीन बेचे जा रहे थे।
निरीक्षण के दौरान तीखा मिक्सचर के 4 पैकेट नमूने के रूप में 280 रुपए में खरीदे गए और परीक्षण हेतु भोपाल प्रयोगशाला भेजे गए, जहाँ नमूना मानक स्तर का पाया गया। लेकिन जब निर्माण संबंधी लाइसेंस मांगा गया तो आरोपी केवल बिक्री का लाइसेंस ही प्रस्तुत कर पाया—मिक्सचर निर्माण का लाइसेंस उसके पास नहीं था।
निर्माण लाइसेंस न होने को अधिनियम का गंभीर उल्लंघन मानते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने मामले में परिवाद-पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
गवाहों ने पुख्ता किया मामला
विचारण के दौरान अभियोजन ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं पंच साक्षियों के बयान दर्ज कराते हुए अपराध को संदेह से परे सिद्ध किया। इसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को तीन महीने के सश्रम कारावास और ₹10,000 के अर्थदंड से दंडित किया।
प्रकरण में शासन की ओर से प्रभावी पैरवी एडीपीओ अजय वर्मा द्वारा की गई।