डेस्क न्यूज
05 December, 2025
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भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में सुशासन का नया आयाम स्थापित करते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की देश की पहली पूर्णतः ऑनलाइन और पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया को जनता के समक्ष प्रस्तुत किया है। विधानसभा सभाकक्ष में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नवचयनित कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रशासन की सबसे निचली इकाई—ग्राम स्तर—पर सेवा करने वाली बहनों को प्रदेश के सर्वोच्च विधायी सदन ‘विधानसभा’ में नियुक्ति पत्र देना एक ऐतिहासिक पल है। उन्होंने कहा कि यह पूरी चयन प्रक्रिया करप्शन-फ्री, डॉक्यूमेंट-सेफ और 100% मेरिट-आधारित है। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि सभी कार्यकर्ता कुपोषण से लड़ने का संकल्प लें और कहा—“जैसे यशोदा मैया ने भगवान कृष्ण को संस्कार दिए, वैसे ही हमारी आंगनवाड़ी बहनें बच्चों को शिक्षा और संस्कार दें।”
नवचयनित कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने विधानसभा की कार्यवाही भी देखी। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने पारदर्शी ऑनलाइन प्रक्रिया के लिए सरकार की सराहना करते हुए सभी चयनित बहनों को शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम में मंत्री निर्मला भूरिया, पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई और प्रमुख सचिव जीवी रश्मि भी उपस्थित रहे। पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस ने सभी नवचयनित कार्यकर्ताओं को कर्तव्यनिष्ठ रहने की शपथ दिलाई, जबकि मंत्री निर्मला भूरिया ने संबोधन में आंगनवाड़ी सेवाओं के महत्व पर प्रकाश डाला।
प्रदेश में लगभग 19,250 रिक्त पदों के लिए करीब 4 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से लगभग 12,075 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं। देश में पहली बार लागू इस ऑनलाइन प्रणाली में किसी भी दस्तावेज़ के गुम होने या छूटने की संभावना समाप्त हो गई है। दावा–आपत्ति और अपील की पारदर्शी व्यवस्था भी शामिल की गई है।
नवनियुक्त कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को प्रतिमाह लगभग 14 करोड़ रुपये का मानदेय वितरित किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में चयनित कार्यकर्ताओं द्वारा मुख्यमंत्री को अभिनंदन पत्र भेंट किया गया।