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सामलाती कुएँ से सिंचाई पर खूनी विवाद : किसान परिवार पर हमला, मोटर कुएँ में फेंकी—कलेक्टर से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग

डेस्क न्यूज 18 November, 2025 अन्य

नीमच। ग्राम लोलपुरा (नवलपुरा) के किसान कन्हैयालाल पिता भंवरलाल ब्राह्मण ने ग्रामीणों और परिजनों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर गंभीर आरोप लगाते हुए सामलाती कुएँ से सिंचाई की अनुमति दिलवाने, परिवार को सुरक्षा प्रदान करने तथा संबंधित राजस्व अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थियों के अनुसार उनकी कृषि भूमि सर्वे नंबर 215 (0.3200 हेक्टे.) और सर्वे नंबर 40 (0.4200 हेक्टे.) की सिंचाई गांव के सामलाती कुओं से होती है, जिनका उल्लेख राजस्व अभिलेखों में भी दर्ज है। इन कुओं से सिंचाई को लेकर उनका विवाद लक्ष्मीनारायण और अन्य रिश्तेदारों से चल रहा है, जिसका प्रकरण अपर कलेक्टर की निगरानी में भी लंबित है।

कन्हैयालाल ने गंभीर आरोप लगाया कि तत्कालीन तहसीलदार प्रेमशंकर पटेल और मौजा पटवारी महेंद्रसिंह सिसोदिया आरोपी पक्ष से मिलीभगत कर रहे हैं। उनका कहना है कि अधिकारियों ने मौके पर दस्तावेज उपलब्ध न होने की गलत रिपोर्ट भेजकर आरोपियों को संरक्षण दिया, जबकि उनके पास सिंचाई अधिकार के तमाम राजस्व प्रमाण उपलब्ध हैं।

प्रार्थियों के अनुसार 12 नवंबर 2025 की सुबह लगभग 9:30 बजे जब वे अपने खेत में सिंचाई करने पहुंचे, तभी आरोपी कैलाश, घनश्याम, कमलेश, दिनेश, बंशलाल, सुशीला और संगीता वहां पहुंचे और गाली-गलौज शुरू कर दी। इसी दौरान सुशीला और संगीता ने उनकी पाइपलाइन पत्थरों से तोड़ दी और मोटर को कुएं में फेंक दिया। बचाव करने पहुंचे कन्हैयालाल के पिता पर आरोपी कैलाश ने लकड़ी से हमला कर दिया, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोट आई और तीन टांके लगे। वहीं आरोपी कमलेश ने लोहे की सरिया से कन्हैयालाल पर वार किया, जिससे उनके हाथ में चोट आई। अन्य आरोपियों ने भी मारपीट और धमकी दी कि यदि दोबारा कुएं से पानी लिया तो जान से मार देंगे। बीच-बचाव करने आए काका प्रेमसुख को भी पत्थर मारकर घायल किया गया।

प्रार्थियों ने बताया कि घटना के बाद डायल-112 को कॉल कर पुलिस को बुलाया गया, जिसने घायलों का मेडिकल करवाया। कन्हैयालाल के पिता अभी भी उपचाररत हैं।

किसान कन्हैयालाल ने कलेक्टर से मांग की है कि प्रकरण के अंतिम निराकरण तक उन्हें सामलाती कुओं से सिंचाई की अनुमति दी जाए, परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए और संबंधित पटवारी व तहसीलदार के खिलाफ विभागीय जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग की गई है, ताकि न्याय मिल सके।

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