डेस्क न्यूज
16 November, 2025
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नीमच। भारतीय किसान संघ जिला नीमच की महत्वपूर्ण बैठक गायत्री शक्तिपीठ भोलियावास पर क्षेत्रीय संगठन मंत्री महेश चौधरी, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य एवं जिला प्रभारी भंवर सिंह पवार की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में संगठन मंत्री चौधरी ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा लागू किया गया लैंड पूलिंग एक्ट किसान विरोधी है, जो किसानों की जमीनों पर कब्जा करने जैसा कदम है। उन्होंने कहा कि यह नीति ब्रिटिश शासक डलहौजी की ‘शासन हड़पों नीति’ की याद दिलाती है।चौधरी ने बताया कि उज्जैन सिंहस्थ हर 12 वर्ष में होने वाला पवित्र आयोजन है, जिसमें किसान स्वेच्छा से अपनी जमीन उपलब्ध कराते आए हैं। सनातन प्रेमी किसान अपनी जमीन मेला आयोजन के लिए देते हैं, लेकिन सरकार हटधर्मिता दिखाते हुए इन जमीनों पर स्थायी निर्माण करना चाहती है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब किसान अपनी जमीन मेला आयोजन के लिए स्वतः देते हैं तो फिर यह जबरन भूमि अधिग्रहण जैसा कानून क्यों?इस किसान विरोधी कानून के विरोध में आगामी 18 नवंबर को उज्जैन में “घेरा डालो–डेरा डालो” अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा। जब तक सरकार कानून वापस नहीं लेती, किसान वहीं धरना जारी रखेंगे। नीमच जिले से लगभग 100 वाहनों में 700 से अधिक किसान इस आंदोलन में शामिल होंगे। बैठक में निलेश पाटीदार, सुरेश चंद्र धाकड़, विष्णु नागदा, जमनालाल पाटीदार, रामगोपाल धाकड़, विष्णु देव शर्मा, राधेश्याम धाकड़, पप्पू लाल गुर्जर सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।