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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की दौड़ में मुस्लिम नेता का नाम सबसे आगे। दीपक विस्पुते हो सकते हैं भाजपा के अगले राष्ट्रीय संगठन महामंत्री ! मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

केशव कुंज में आज संघ और भाजपा की उच्चस्तरीय बैठक

न्यूज डेस्क 22 April, 2025 राजनीति

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की दौड़ में मुस्लिम नेता का नाम सबसे आगे।

दीपक विस्पुते हो सकते हैं भाजपा के अगले राष्ट्रीय संगठन महामंत्री !

मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा के बीच उच्चस्तरीय अत्यंत महत्वपूर्ण ‘ केशव कुंज डायलॉग ' आज 22 अप्रैल को दिल्ली स्थित संघ भवन केशव कुंज में होगा। सत्ता और संगठन की इस एतिहासिक बैठक से बड़े फेरबदल के संकेत मिल रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच दिल्ली स्थित नवनिर्मित ‘केशव कुंज’ में यह बैठक सत्ता और संगठन के भविष्य का खाका तय करने वाली है। बैठक में संघ के उच्चतम पदाधिकारियों की उपस्थिती और भाजपा के शीर्ष नेता भागीदारी कर रहे हैं।    बैठक में सरकार के पिछले 3 वर्षों के कार्यकाल की समीक्षा और अगले 3 वर्ष के कार्यक्रमों की सम्पूर्ण रूपरेखा भी तय की जाएगी। साथ ही इस बैठक में भाजपा के अगले अध्यक्ष और पदाधिकारियों के चुनाव को लेकर भी मंथन किया जाना है। चौंकाने वाली खबर यह है कि 74 वर्षीय आरिफ मोहम्मद खान को राज्यसभा के जरिए संसद में लाकर केंद्रीय मंत्री बनाया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि यदि संघ सहमत हुआ तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मोहम्मद खान के नाम को भाजपा के पहले मुस्लिम राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में प्रस्तावित करने का विचार है।

इनकी होगी मुख्य भुमिका !  

यही नहीं बैठक में सुधांशु त्रिवेदी के साथ आरिफ मोहम्मद खान, अन्ना मलाई, वनाथी श्रीनिवासन, तेजस्वी सूर्या, बीएल संतोष और मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा भी सत्ता और संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए दिख सकते हैं।  

बड़े फेरबदल की संभावना

बता दें कि पहली बार संघ की इतनी विस्तृत और मजबूत टीम भाजपा से चर्चा के लिए केशव कुंज में कैंप किए हुए हैं। अन्यथा आमतौर पर समन्वय बैठकों में संघ के तीन-चार से अधिक पदाधिकारी हिस्सा नहीं लेते हैं।  यह लगभग निश्चित है कि आज 22 अप्रैल की बैठक के बाद भाजपा के संगठन और सत्ता में बड़े पैमाने पर फेरबदल कि प्रक्रिया प्रारंभ होगी। यह संघ की रूटीन समन्वय बैठक नहीं है, क्योंकि इसमें भाग लेने के लिए सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले, सभी छह सह सरकार्यवाह यथा, कृष्ण गोपाल,मुकुंद सीआर,अरुण कुमार,रामदत्त चक्रधर,अतुल लिमए और आलोक कुमार के अलावा पांच क्षेत्रों के क्षेत्र प्रचारक, अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य सुरेश सोनी केशव कुंज में कैंप किए हुए हैं। संघ प्रमुख मोहन भागवत के भी कार्यक्रम मथुरा और उसके आसपास रखे गए हैं ताकि आवश्यकता पड़ने पर वो 1 घंटे के भीतर केशव कुंज पहुंच सके। ज्ञात हो की पिछले 5 दिनों से संघ प्रमुख मथुरा मंडल यानी ब्रज प्रांत में हैं। जाहिर है इस बैठक में भविष्य की योजनाओं का खाका तैयार होगा।

राष्ट्रीय संगठन इस बैठक में अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय होने वाले हैं। सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष के बाद सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाला राष्ट्रीय संगठन महामंत्री के पद पर मध्य क्षेत्र के 5 वर्षों तक क्षेत्र प्रचारक रहे संघ के मौजूदा अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख 44 वर्षीय दीपक विस्पुते को लाए जाने के संकेत हैं।

केशव कुंज में संघ प्रस्तुत करेगा मोदी और नड्डा के कामकाज की रिपोर्ट

सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 2022 से 2024 के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार और जेपी नड्डा के नेतृत्व में हुए संगठन के कामकाज की विस्तृत और गहराई से समीक्षा की है। संघ अपनी  समीक्षा पर आधारित एक रिपोर्ट भाजपा नेतृत्व के समक्ष रखेगा। इसके अलावा भविष्य के तीन वर्षों में सरकार का क्या एजेंडा रहेगा इस पर भी दोनों संगठन (भाजपा और संघ) चर्चा करने वाले हैं। इसमें भावी भाजपा अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्रिमंडल में किसे हटाना है किसे लाना है, के साथ ही वन नेशन वन इलेक्शन और यूसीसी सहित सभी महत्वपूर्ण एजेंडे पर चर्चा होगी।

इन नेताओं पर होंगी निगाहें!

सूत्रों का कहना है कि 74 वर्षीय आरिफ मोहम्मद खान, 40 वर्षीय अन्नामलाई, 34 वर्षीय तेजस्वी सूर्या, 54 वर्षीय डॉक्टर सुधांशु त्रिवेदी, 54 साल की वनाथि श्रीनिवासन, 53 वर्षीय विष्णु दत्त शर्मा और 51 वर्षीय अनुराग ठाकुर पर निगाहें रखनी होंगी। क्योंकि आने वाले दिनों में ये सभी नेता या तो केंद्रीय मंत्री या संगठन के महत्वपूर्ण पदों पर दिख सकते हैं। आरिफ मोहम्मद खान अभी बिहार के राज्यपाल जरूर हैं, लेकिन प्रधानमंत्री और संघ के पदाधिकारियों का एक वर्ग चाहता है कि आरिफ मोहम्मद खान को केंद्रीय मंत्री के रूप में लाकर देश भर में वक्फ कानून को समझाने के लिए प्रमोट किया जाए। ऐसे में उन्हें केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनाया जा सकता है। इनके अलावा केंद्रीय मंत्री गण भूपेंद्र यादव, डॉ.धर्मेंद्र प्रधान और मनोहर लाल खट्टर के बारे में भी बड़े निर्णय हो सकते हैं।

सोशल इंजीनियरिंग और कार्यकर्ताओं से तगड़ा संवाद रखने वाले हैं दीपक विस्पुते

दीपक विस्पुते राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख हैं। उनकी नियुक्ति मार्च 2024 में हुई थी। इससे पहले, वह मध्य क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों तक क्षेत्रीय प्रचारक के रूप में कार्यरत थे। इसके भी पहले 4 वर्ष वो तत्कालीन क्षेत्र प्रचारक अरुण जैन के साथ सह क्षेत्र प्रचारक रहे हैं। इसका दूसरा अर्थ यह है कि 2014 से 2023 तक दीपक विस्पुते ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के उस अवधि के दौरान हुए सभी लोकसभा और विधानसभा चुनावों को मॉनिटर किया है। लगभग 45 वर्ष उम्र के दीपक विस्पुते सोशल इंजीनियरिंग, कार्यकर्ताओं से निरंतर संवाद और अथक प्रवास के लिए जाने जाते हैं। संघ में उन्हें भावी सरकार्यवाह के तौर पर भी देखा जाता है। अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख के रूप में उत्तर प्रदेश के मीडिया में उनकी चर्चा तब जबरदस्त रूप से हुई थी, जब अक्टूबर 2023 में उन्होंने मथुरा में एक कार्यक्रम में सामाजिक सुधारों पर पांडित्य पूर्ण बौद्धिक दिया था। इस बौद्धिक में उन्होंने सामाजिक सुधार के लिए पांच तत्वों पर बात की थी। जबलपुर मूल के दीपक विस्प्पुते को ओबीसी, आदिवासी और दलितों में काम करने का और उनके विमर्श को समझने का गहरा अनुभव है।

राष्ट्रीय संगठन महामंत्री और प्रदेश संगठन महामंत्री के पद पर नियुक्ति संघ के सरकार्यवाह करते हैं। संघ में सरसंघचालक संगठन के फिलॉस्फर एंड गाइड होते हैं। जबकि सारी कार्यकारी शक्तियां सरकार्यवाह के पास होती हैं। यह कुछ-कुछ ऐसा ही है जैसे भारत में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का पद होता है। हालांकि संघ प्रमुख के पास वीटो पावर होता है जो,  हमारे महामहिम के पास नहीं होता।

भाजपा में संगठन चुनाव की मौजूदा प्रक्रिया यह है- भाजपा के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले कम से कम 50 फ़ीसदी राज्यों में संगठनात्मक चुनाव होने आवश्यक हैं। इन चुनावों में बूथ, मंडल और जिला स्तर पर चुनाव शामिल हैं, जिसके बाद प्रदेश अध्यक्षों का चुनाव होता है। अभी तक 14 प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति हो चुकी है, परन्तु राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए 19 प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति आवश्यक है। शेष राज्यों में भी 22 अप्रैल के बाद तेजी से नियुक्तियां होने की संभावना है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल में 10 पद रिक्त हैं

भारतीय संविधान के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा के कुल सदस्यों के 15 फ़ीसदी से अधिक नहीं हो सकती है। वर्तमान में लोकसभा में 543 सदस्य हैं, इसलिए मंत्रिपरिषद में अधिकतम 81 मंत्री हो सकते हैं, जिसमें प्रधान मंत्री भी शामिल हैं। अभी, केंद्रीय मंत्रिपरिषद में प्रधान मंत्री सहित 71 मंत्री हैं। इसलिए, सैद्धांतिक रूप से, लगभग 10 पद अभी भी रिक्त हैं।

प्रधानमंत्री ने सभी वर्गों को शामिल कर इस तरह गढ़ा है अपने मंत्रीमण्डल को

केंद्रीय मंत्रिमंडल में दलित मंत्रियों की संख्या 10 है, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के मंत्रियों की संख्या 27 है, आदिवासी मंत्रियों की संख्या 5 है और महिला मंत्रियों की संख्या 7 है।

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