न्यूज डेस्क
11 November, 2025
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भड़भड़िया सड़क हादसे में 10 वर्षीय हर्षित ने अपना एक पैर खो दिया है और अब वह ज़िंदगी की जंग लड़ रहा है। पिता की मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट चुका है। माँ और छोटी बहन अस्पताल में भर्ती हैं, और हर्षित का इलाज जारी है। इलाज का खर्च लाखों में पहुँच चुका है। अब हर्षित के इलाज में मदद के लिए परिवार ने एक स्कैनर कोड जारी किया है, जिसके माध्यम से आप सीधे आर्थिक सहयोग भेज सकते हैं।
आइए, इंसानियत की मिसाल बनें — हर्षित को फिर से खड़ा करने में साथ दें।
नीमच | जावद-नीमच मार्ग पर शुक्रवार शाम हुआ भड़भड़िया हादसा पूरे जिले को हिला गया। एक पल की लापरवाही ने एक परिवार को तबाह कर दिया और इंसानियत को झकझोर दिया।
ज्ञानोदय आईटीआई के कर्मचारी दशरथ सिंह पिता शंभू सिंह अपनी पत्नी ललिता, बेटे हर्षित और बेटी जया के साथ बाइक पर जा रहे थे। रास्ते में जावद थाने में पदस्थ एएसआई मनोज यादव, जो कथित रूप से दारू के नशे में धुत थे, अपनी तेज़ रफ्तार कार से दो बाइकों को टक्कर मार दी थी।
टक्कर इतनी भयावह थी कि दशरथ सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। पत्नी ललिता और दोनों बच्चे सड़क पर खून से लथपथ तड़पते रहे। हर्षित का एक पैर बुरी तरह कुचल गया, डॉक्टरों को उसे काटना पड़ा।
अब यह नन्हा बच्चा अस्पताल के बिस्तर पर पड़ा ज़िंदगी की जंग लड़ रहा है।
ललिता और जया अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि स्थिति नाजुक है, लेकिन उम्मीद बाकी है।
रिश्तेदारों और समाजजनों ने आर्थिक सहयोग शुरू किया है, लेकिन खर्च इतना अधिक है कि परिवार अकेले इसे नहीं उठा सकता।
लोग सोशल मीडिया पर भी अपील कर रहे हैं कि “आइए, एक बच्चे की ज़िंदगी बचाने में साथ दें।
अब समय है मानवता दिखाने का।
आपका एक छोटा कदम, एक छोटा सहयोग, इस मासूम की ज़िंदगी में उम्मीद की नई किरण जगा सकता है। हर्षित का सपना फिर से जीने का है — और उसे पूरा करने की ताकत आपके हाथों में है।