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जब परिषद हाल में चला बैटरी वाला माइक — नारे, आरोप और अंधेरे में भी जारी रही बहस

डेस्क न्यूज़ 31 October, 2025 अन्य

नीमच | नगर पालिका परिषद का शुक्रवार, 31 अक्टूबर का विशेष सम्मेलन एक बार फिर नीतिगत चर्चा से अधिक राजनीतिक टकराव का मंच बन गया। पिछली बार की तरह इस बार भी नेता प्रतिपक्ष से माइक छिनने की घटना दोहराई गई, लेकिन इस बार कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापति पूरी तैयारी से पहुंचे थे — हाथ में बैटरी वाला निजी माइक लेकर।

जैसे ही परिषद में माइक उन्हें नहीं दिया गया, प्रजापति ने अपना माइक ऑन किया और उसी पर बोलना शुरू कर दिया। अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ने इसे शासकीय कार्य में बाधा करार देते हुए विरोध जताया, लेकिन हालात और दिलचस्प तब बने जब कुछ देर बाद अचानक बिजली गुल हो गई।
नगर पालिका का माइक बंद पड़ा था, जबकि प्रजापति का बैटरी वाला माइक अब भी चालू था — और पूरे परिषद हाल में केवल वही आवाज गूंज रही थी।

नारेबाजी और ध्रुवीकरण का माहौल

इस बीच परिषद हाल में “मोदी-मोदी” बनाम “छूट नहीं ये लूट है” के नारे गूंजने लगे। जीएसटी सुधारों को लेकर केंद्र सरकार के पक्ष में ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद’ प्रस्ताव पारित किया गया, लेकिन कांग्रेस पार्षदों ने इसे जनविरोधी बताते हुए नारेबाजी की और कहा — “यह छूट नहीं, लूट है।”

CSR दर और टेंडर प्रक्रिया पर भी टकराव

बैठक के दौरान CSR की नई दरें लागू होने के बाद टेंडर प्रक्रिया दोबारा शुरू करने का मुद्दा उठा।
योगेश प्रजापति ने प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा, “नगर पालिका की ढिलाई से एक साल खराब हुआ, अब फिर से टेंडर होंगे।”

भाजपा पार्षदों ने भी जताई नाराज़गी

दिलचस्प बात यह रही कि इस बार विरोध केवल विपक्ष तक सीमित नहीं रहा। भाजपा पार्षदों ने भी कंसल्टेंसी एजेंसियों को एक करोड़ रुपए स्वीकृत किए जाने पर सवाल उठाए। पार्षदों ने मांग की कि बताया जाए यह राशि कहां और किस कार्य में खर्च होगी।
भाजपा पार्षद शशि कल्याणी ने भी बघाना क्षेत्र की दुर्दशा उठाते हुए कहा कि “अब तक विकास का ध्यान केंद्र में ही सीमित है, वार्डों की सड़कों की हालत बेहद खराब है।”

अध्यक्ष की अपील बेअसर, परिषद बना हंगामे का अखाड़ा

हंगामे के बीच अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा बार-बार माइक से अपील करती रहीं — “हम जनप्रतिनिधि हैं, कृपया परिषद की गरिमा बनाए रखें।”
लेकिन नारे, आरोप और विरोध के बीच परिषद की कार्यवाही कई बार बाधित हुई।
अंततः चारों प्रस्ताव बहुमत से पारित हुए, पर यह सत्र नगर पालिका की लोकतांत्रिक मर्यादा और प्रशासनिक अनुशासन दोनों पर सवाल छोड़ गया।


मुख्य हाइलाइट्स

- पिछली बार की तरह इस बार भी नेता प्रतिपक्ष से माइक छीना गया

- योगेश प्रजापति बैटरी वाला निजी माइक लेकर परिषद में पहुंचे

- लाइट जाने पर नगरपालिका का माइक बंद, प्रजापति का माइक चलता रहा

-“मोदी-मोदी” बनाम “छूट नहीं ये लूट है” के नारों से गूंजा परिषद हाल

- जीएसटी पर ‘धन्यवाद मोदी’ प्रस्ताव बहुमत से पारित

- CSR दरों और टेंडर प्रक्रिया पर कांग्रेस ने विरोध दर्ज कराया

- भाजपा पार्षदों ने भी कंसल्टेंसी पर सवाल उठाए

- बघाना क्षेत्र के विकास पर शशि कल्याणी ने जताई नाराज़गी

- परिषद सत्र बना राजनीतिक प्रदर्शन बनाम प्रशासनिक अनुशासन की जंग

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